बिहार में नीतीश युग का अंत: नीतीश कुमार ने सीएम पद से दिया इस्तीफा, सम्राट के साथ पहुंचे लोकभवन

  • सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति, नई सरकार के गठन की तैयारी तेज
  • अंतिम कैबिनेट बैठक में नीतीश का संदेश, नई सरकार को देंगे मार्गदर्शन

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देकर राज्य की सियासत में नए अध्याय की शुरुआत कर दी। वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ एक ही वाहन से राजभवन पहुंचे, जहां उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, शाम चार बजे के बाद सम्राट चौधरी के नाम का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान सम्राट चौधरी समेत भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इस बैठक को नई सरकार के गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस्तीफे से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में जब उन्होंने सत्ता संभाली थी, तब से लेकर अब तक उन्होंने राज्य के विकास के लिए अपनी पूरी क्षमता के अनुसार कार्य किया। उन्होंने कहा कि अब नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा और वे राज्यहित में हर संभव सहयोग करेंगे। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सुबह से ही मुख्यमंत्री आवास पर गतिविधियां तेज हो गई थीं। जनता दल (यूनाइटेड) के कई वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की और आगे की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद नीतीश कुमार लोकभवन के लिए रवाना हुए, जहां से वे सीधे राजभवन पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे से पहले नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी ने बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर दोनों नेताओं की संयुक्त उपस्थिति को राजनीतिक संकेतों के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सत्ता परिवर्तन के इस दौर में समन्वय बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। बिहार की राजनीति में यह बदलाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और उनके नेतृत्व में राज्य ने कई महत्वपूर्ण बदलाव देखे हैं। हालांकि, बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब सत्ता की बागडोर नए नेतृत्व को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। यदि उनके नाम की औपचारिक घोषणा होती है, तो यह राज्य की राजनीति में एक नई दिशा तय करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी, जिनमें विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखना, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और आर्थिक स्थिति को मजबूत करना प्रमुख होंगे। बिहार की राजनीति एक बार फिर परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ जहां एक युग का अंत माना जा रहा है, वहीं सम्राट चौधरी के संभावित नेतृत्व में नई सरकार से जनता को नई उम्मीदें भी हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक बदलाव राज्य के विकास और जनकल्याण पर किस प्रकार प्रभाव डालता है। नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, इसके साथ ही बिहार में नीतीश युग का अंत हो गया। 20 साल सीएम रहे नीतीश, इस्तीफे के बाद एक अणे मार्ग लौट गए हैं। वो आज ही सीएम हाउस भी छोड़ सकते हैं।

 

 

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