शराब छापेमारी के दौरान मद्य निषेध टीम पर हमला, पथराव में दो सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त

  • बाढ़ अनुमंडल के रानीसराय गांव में कार्रवाई के दौरान उग्र हुई भीड़, सिपाही और चालक घायल
  • मद्य निषेध विभाग ने शराब बिक्री की सूचना पर की थी छापेमारी, होटल संचालक के परिवार ने लगाया मारपीट का आरोप

बाढ़। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में शराबबंदी कानून के तहत की गई छापेमारी के दौरान मद्य निषेध विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। करनौती पंचायत के रानीसराय गांव स्थित पासवान टोला में शराब की बिक्री और सेवन की सूचना पर पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि टीम पर पथराव शुरू हो गया। इस घटना में दो सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि एक सिपाही और वाहन चालक घायल हो गए। दोनों घायलों को उपचार के लिए बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही बाढ़ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 आशीष श्रीवास्तव और बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रण में लिया। पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मद्य निषेध विभाग के निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि गुरुवार की देर शाम विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि रानीसराय गांव के एक होटल में अवैध रूप से शराब की बिक्री और सेवन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर विभागीय टीम तत्काल कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने होटल और आसपास के इलाके की जांच शुरू की। इसी दौरान कुछ लोग वहां एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभ में टीम ने लोगों को समझाने और स्थिति को शांत रखने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ लगातार उग्र होती चली गई। कुछ लोगों ने अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और देखते ही देखते पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव के दौरान विभाग के वाहन क्षतिग्रस्त हो गए तथा चालक कन्हैया कुमार और सिपाही उदित राज घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। इस संबंध में बख्तियारपुर थाना में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। हालांकि, घटना को लेकर दूसरा पक्ष भी सामने आया है। होटल संचालक और उसके परिवार के सदस्यों ने मद्य निषेध विभाग की टीम पर मनमानी और मारपीट करने का आरोप लगाया है। परिवार की सदस्य रूना देवी का कहना है कि विभागीय टीम बिना किसी पूर्व सूचना के उनके घर में घुस गई और परिवार के लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। परिवार की दूसरी सदस्य सुमन कुमारी ने बताया कि घर का दरवाजा खुला था और अचानक कई लोग अंदर आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि घर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की गई और उन्हें घटना की पूरी जानकारी तक नहीं थी। वहीं होटल संचालक मोहित पासवान ने दावा किया कि मद्य निषेध विभाग के कर्मियों ने उनके प्रतिष्ठान में तोड़फोड़ की तथा एक व्यक्ति के सिर पर चोट पहुंचाई। उनका कहना है कि दुकान को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इधर पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद मद्य निषेध विभाग लगातार अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहा है। ऐसे में छापेमारी के दौरान सरकारी टीम पर हमला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है। फिलहाल इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

You may have missed