टीआरई-4 में देरी पर तेजस्वी यादव का हमला, सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
- पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं, कहा—हमारे कार्यकाल में समय पर हुई थी नियुक्तियां
- वैकेंसी जारी करने की मांग तेज, अभ्यर्थियों की बढ़ती उम्र और इंतजार बना बड़ा मुद्दा
पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के चौथे चरण में हो रही देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गुरुवार को राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षक भर्ती के चौथे चरण की प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि महागठबंधन सरकार के 17 महीनों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने विशेष पहल करते हुए शिक्षा विभाग को अपने दल के जिम्मे लिया था। उस दौरान युद्ध स्तर पर काम करते हुए शिक्षक भर्ती के पहले और दूसरे चरण के अंतर्गत निर्धारित समय सीमा के भीतर बिना किसी प्रश्न पत्र लीक और पूर्ण पारदर्शिता के साथ 2 लाख 20 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देकर उनकी सेवा प्रारंभ कराई गई। उन्होंने यह भी कहा कि तीसरे चरण की प्रक्रिया भी शुरू कराई गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद जनवरी 2024 में प्रश्न पत्र लीक होने के कारण उसे रद्द करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने चुनावी वर्ष में युवाओं से वादा किया था कि जल्द ही चौथे चरण की परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से यह घोषणा भी की गई थी कि विद्यालयों में रिक्त पदों की गणना कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक न तो रिक्तियों की घोषणा हुई है और न ही परीक्षा की तिथि तय की गई है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग के कैलेंडर के अनुसार यह परीक्षा अगस्त 2024 तक आयोजित हो जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर परीक्षा में देरी की और बाद में इसे अक्टूबर 2025 तक टालने की बात कही, ताकि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण परीक्षा फिर से टल जाए। उनके अनुसार, यही हुआ और अब तक अभ्यर्थी केवल इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 17 महीनों में 5 लाख युवाओं को रोजगार दिलाया और 3 लाख 50 हजार से अधिक नौकरियों की प्रक्रिया शुरू कराई थी। इसके विपरीत वर्तमान सरकार बार-बार परीक्षा टालकर युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण अभ्यर्थियों की आयु सीमा पार होती जा रही है और उनका धैर्य जवाब दे रहा है। उन्होंने कहा कि हर युवा नौकरी पाकर अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाना चाहता है और अपने सपनों को साकार करना चाहता है, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण उनकी उम्मीदें लगातार टूट रही हैं। तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर युवाओं के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि शिक्षक भर्ती के चौथे चरण की रिक्तियों को तुरंत जारी किया जाए और परीक्षा प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों की उम्मीदों से जुड़ा मामला है। सरकार को चाहिए कि वह इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय करे और युवाओं को राहत प्रदान करे। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है और अभ्यर्थियों को कब तक राहत मिल पाती है।


