लव मैरिज के बाद बेटे ने मां से तोड़ा रिश्ता, महिला आयोग पहुंचा पारिवारिक विवाद
- विधवा मां ने बेटे और बहू पर मारपीट व घर से निकालने का लगाया आरोप
- बेटे ने मां पर पिता की हत्या का लगाया आरोप, कहा- साथ रहने पर जान को खतरा
पटना। बिहार राज्य महिला आयोग में सहरसा जिले से एक बेहद संवेदनशील और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विधवा मां ने अपने बेटे और बहू पर प्रताड़ना, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर बेटे ने अपनी ही मां पर पिता की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अपनी मां के साथ नहीं रह सकता, क्योंकि उसे अपनी जान का खतरा है। दोनों पक्षों के आरोपों ने इस पूरे मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है। अब यह विवाद बिहार राज्य महिला आयोग तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्षों की बातें सुनी जा रही हैं। महिला आयोग में आवेदन देने वाली महिला ने बताया कि उसके पति की मृत्यु के बाद वर्ष 2018 में बंटवारे में मिली जमीन पर उसने अपने बेटे के साथ घर बनाकर रहना शुरू किया था। वह सहरसा के एक अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती है और अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही थी। महिला ने बताया कि अस्पताल में एक प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची को उसकी मां छोड़कर चली गई थी। मानवता के आधार पर उसने उस बच्ची को गोद ले लिया और आज वह बच्ची सात वर्ष की हो चुकी है। महिला का कहना है कि उसका बेटा भी पहले उस बच्ची को अपनी बहन मानता था और परिवार में सब सामान्य था। महिला ने आयोग को बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसके बेटे ने प्रेम विवाह किया। शादी के बाद से परिवार में तनाव शुरू हो गया। महिला का आरोप है कि बहू के आने के बाद बेटा पूरी तरह बदल गया और अब वह सिर्फ अपनी पत्नी की बात सुनता है। महिला ने कहा कि बेटा और बहू लगातार उस पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बना रहे हैं। जब उसने ऐसा करने से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। आवेदिका ने आरोप लगाया कि अगस्त 2025 में बेटे और बहू ने उसके साथ मारपीट की, जिसमें उसका एक दांत तक टूट गया। इलाज कराने के बाद जब वह वापस घर लौटी तो उसे घर में घुसने नहीं दिया गया। महिला ने बताया कि तब से वह अपनी गोद ली हुई बेटी के साथ अपनी भाभी के घर में रहने को मजबूर है। महिला का कहना है कि उसका बेटा कई बार उसे जान से मारने की धमकी भी दे चुका है और कहता है कि अगर वह मर जाएगी तो सारी जमीन अपने आप उसकी हो जाएगी। दूसरी ओर महिला के बेटे ने अपनी मां के सभी आरोपों को गलत बताया है। बेटे का कहना है कि उसकी मां का व्यवहार ठीक नहीं है और वह लालची स्वभाव की है। उसने अपनी मां पर अपने पिता की हत्या करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी मामले में वह पांच वर्ष तक जेल में भी रह चुकी है। बेटे का कहना है कि उसे अपनी मां के साथ रहने में डर लगता है और उसे आशंका है कि उसकी मां कभी भी उस पर हमला करवा सकती है। बेटे ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी मां घर बेच देना चाहती है और उसकी पत्नी को भी प्रताड़ित करती रही है। वहीं बहू ने भी महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बहू का कहना है कि उसकी सास ने अपने पति की हत्या कर शव को बगीचे में फेंक दिया था। हालांकि महिला ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया था। महिला का कहना है कि जब उसके पति की हत्या हुई थी, उस समय वह अपने मायके में थी। उसने आरोप लगाया कि जमीन विवाद के कारण उसके देवर ने उसके पति की हत्या की और दोष उस पर मढ़ दिया गया। महिला आयोग की सदस्य रजिया कामिल अंसारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों की बातें सुनी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ संपत्ति विवाद का नहीं बल्कि परिवार टूटने और रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट का उदाहरण भी है। आयोग पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगा ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।


