मोकामा में ताबड़तोड़ गोलीबारी से दहला इलाका, युवक गंभीर रूप से घायल

  • दिल्ली से चार दिन पहले लौटा था युवक, सूखे नशे से जुड़े विवाद में वारदात की आशंका
  • बढ़ते नशे के कारोबार पर फिर उठे सवाल, पुलिस ने शुरू की छापेमारी और जांच

पटना। राजधानी पटना से सटे मोकामा क्षेत्र में शनिवार अहले सुबह हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मोलदियार टोला इलाके में अपराधियों ने एक युवक को निशाना बनाते हुए उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गोलीबारी की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसकी हालत गंभीर होने पर पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायल युवक की पहचान मोकामा निवासी अरविंद सिंह के पुत्र कारू उर्फ निकेत कुमार के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि निकेत कुमार कुछ दिन पहले ही दिल्ली से अपने घर लौटा था। वह लगभग चार दिन पहले मोकामा पहुंचा था। घटना शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे की बताई जा रही है, जब अचानक कुछ अपराधियों ने उस पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोली लगने के बाद निकेत कुमार लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे उठाकर रेफरल अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पटना चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेज दिया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी अभियान शुरू किया है और संदिग्ध लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि हमलावरों तक पहुंचा जा सके। सूत्रों के अनुसार, यह घटना कथित रूप से सूखे नशे के सेवन के दौरान हुए आपसी विवाद से जुड़ी हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में तेजी से फैल रहे सूखे नशे के कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस और विशेष कार्य बल की लगातार कार्रवाई के बावजूद नशे का नेटवर्क कई जिलों में गहराई तक फैल चुका है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में बिहार में लगभग 28 हजार किलोग्राम गांजा, 2400 किलोग्राम अफीम और पोस्ता भूसी, तीन लाख पच्चीस हजार से अधिक कोडीनयुक्त सिरप की बोतलें तथा करीब साढ़े तीन लाख नशीली गोलियां बरामद की गई थीं। वहीं वर्ष 2026 में भी पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। पटना, सीमांचल और अन्य जिलों में इस वर्ष बड़ी मात्रा में गांजा, स्मैक, ब्राउन शुगर, मॉर्फिन और नशीले इंजेक्शन पकड़े जा चुके हैं। रिपोर्टों के मुताबिक फरवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच केवल पटना में ही 60 हजार से अधिक नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए थे। कई जिलों में करोड़ों रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ और कोडीनयुक्त कफ सिरप भी जब्त किए गए हैं। विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि शराबबंदी के बाद युवाओं में सूखे नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। नशा तस्करी से जुड़े गिरोह अब ग्रामीण और कस्बाई इलाकों तक सक्रिय हो चुके हैं। युवाओं को आसानी से अपने जाल में फंसाया जा रहा है, जिससे अपराध की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। मोकामा की यह घटना भी उसी बढ़ते नशे के नेटवर्क और उससे पैदा हो रहे अपराध का हिस्सा मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से नशीले पदार्थों का कारोबार बढ़ रहा है और कई युवा इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं घायल युवक की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज पटना में चल रहा है। घटना के बाद इलाके के लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है।

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