बिहार में भीषण गर्मी का प्रकोप, 17 अप्रैल को हल्की बारिश के बाद फिर बढ़ेगा तापमान

  • कई जिलों में लू की चेतावनी, तापमान 40 डिग्री के पार जाने की आशंका
  • सीमांचल में बारिश के आसार, लेकिन दक्षिण और मध्य बिहार में जारी रहेगा गर्मी का कहर

पटना। बिहार में इन दिनों भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार बढ़ने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब लू जैसे हालात बन जाते हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हो जाते हैं। राजधानी पटना सहित कई जिलों में दिन के समय गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। पिछले तीन दिनों से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है, जिसके कारण तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। मंगलवार को भी पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहा और गर्मी का असर चरम पर दिखाई दिया। मौसम विभाग के अनुसार, भभुआ (कैमूर जिला) राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, प्रदेश के अन्य हिस्सों में अधिकतम तापमान 30.5 से 39.9 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। दूसरी ओर, जीरादेई (सीवान) में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि पछुआ हवाओं के कारण गर्मी का प्रभाव और अधिक बढ़ गया है। ये हवाएं वातावरण को शुष्क बना रही हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है और लोगों को अधिक गर्मी का अहसास हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आने वाले तीन से चार दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है। 16 अप्रैल तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम नजर आ रही है। हालांकि, 17 अप्रैल को सीमांचल क्षेत्र के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिले शामिल हैं, जहां कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। इससे इन क्षेत्रों में थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 18 अप्रैल से गर्मी और अधिक खतरनाक रूप ले सकती है। दक्षिण और मध्य बिहार के जिलों में लू का गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकता है। इनमें बक्सर, कैमूर, रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद, गया और पटना जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लिए ‘पीला सतर्कता संकेत’ जारी किया गया है, जो संभावित खतरे की ओर संकेत करता है। आशंका जताई जा रही है कि इन जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। ऐसे में हीट स्ट्रोक यानी लू लगने का खतरा भी बढ़ जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दिन के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ढककर रखने की सलाह दी है। गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप का असर न केवल आम जनजीवन पर पड़ रहा है, बल्कि कृषि और अन्य गतिविधियों पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। 17 अप्रैल को सीमित क्षेत्रों में हल्की बारिश के बावजूद 18 अप्रैल से एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है, ताकि इस कठिन मौसम से सुरक्षित रहा जा सके।

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