मुजफ्फरपुर में देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़, ढाबे पर चल रहा था संगठित अवैध धंधा
- छापेमारी में दो युवतियां मुक्त, मैनेजर समेत दो आरोपी गिरफ्तार
- अश्लील वीडियो बनाकर दी जाती थी धमकी, पुलिस ने जब्त किए अहम साक्ष्य
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने एक संगठित देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश किया है। गरहां ओपी क्षेत्र के पटियासा स्थित फोरलेन किनारे बने एक ढाबे पर अवैध गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था, जहां युवतियों से देह व्यापार कराया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवतियों को मुक्त कराया और गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, पटियासा स्थित मोहनी ढाबा पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां ग्राहकों को बुलाकर युवतियों के माध्यम से देह व्यापार कराया जाता है। इसके साथ ही युवतियों के अश्लील वीडियो भी बनाए जाते थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर बार-बार बुलाया जाता था। सिटी पुलिस अधीक्षक मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि अहियापुर थाना और गरहां ओपी की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान ढाबे के मैनेजर मिथिलेश कुमार और पटियासा निवासी अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। वहीं, मीनापुर और तुर्की थाना क्षेत्र की दो युवतियों को मौके से मुक्त कराया गया। पुलिस की तलाशी के दौरान ढाबे के काउंटर से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा देह व्यापार से संबंधित हिसाब-किताब की डायरी भी मिली है, जिससे इस पूरे नेटवर्क के संगठित होने के संकेत मिलते हैं। पुलिस ने इस मामले में ढाबा मालिक उमेश राय को भी नामजद अभियुक्त बनाया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है। मुक्त कराई गई एक युवती ने पुलिस को बताया कि ढाबे का मैनेजर मिथिलेश कुमार ही पूरी व्यवस्था संभालता था। वह युवतियों से सीधे संपर्क करता और ग्राहकों से सौदा तय करता था। यदि कोई युवती आने से मना करती, तो उसे धमकी दी जाती थी कि उसका फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। युवती के अनुसार, ग्राहकों से वसूले गए पैसों में से लगभग आधी राशि मैनेजर रख लेता था, जबकि शेष राशि युवतियों को दी जाती थी। प्रति ग्राहक उन्हें लगभग 500 से 600 रुपये मिलते थे। गिरफ्तार आरोपी अमित कुमार ने भी पूछताछ में इस बात की पुष्टि की है कि पूरा संचालन मिथिलेश कुमार के नियंत्रण में था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि यह अवैध धंधा केवल एक ढाबे तक सीमित नहीं है। दरभंगा फोरलेन के किनारे सदातपुर मोड़ से लेकर बखरी तक कई स्थानों पर इस तरह के अड्डे संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा कुछ आवासीय होटलों में भी इस प्रकार की गतिविधियों के चलने की जानकारी मिली है, जहां जोड़ों को किराये पर कमरे उपलब्ध कराए जाते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में फैल रहे संगठित अपराधों और महिलाओं के शोषण की गंभीर समस्या को उजागर किया है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें इस प्रकार की किसी भी गतिविधि की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


