बांकीपुर उपचुनाव में तीसरे चरण के बाद भी प्रशांत किशोर आगे, भाजपा पर 1162 मतों की बढ़त बरकरार
- तीसरे चरण की मतगणना में जन सुराज को बढ़त, भाजपा दूसरे स्थान पर, राजद अब भी काफी पीछे
- एएन कॉलेज मतगणना केंद्र पर कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है मतगणना, अंतिम परिणाम के लिए अभी कई चरण शेष
पटना। बिहार की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच तीसरे चरण के परिणाम सामने आ गए हैं। तीसरे चरण की गिनती के बाद भी जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं प्रत्याशी प्रशांत किशोर बढ़त बनाए हुए हैं। निर्वाचन आयोग से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रशांत किशोर 1162 मतों की बढ़त के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। शुरुआती रुझानों ने बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी है और मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि अभी कई चरणों की मतगणना शेष है, इसलिए अंतिम परिणाम घोषित होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।पटना स्थित एएन कॉलेज के मतगणना केंद्र पर सोमवार सुबह से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना जारी है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी की गई, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों में दर्ज मतों की चरणबद्ध गिनती शुरू हुई। प्रत्येक चरण के बाद निर्वाचन आयोग आधिकारिक आंकड़े जारी कर रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी हुई है। तीसरे चरण की मतगणना के बाद जारी आंकड़ों के अनुसार जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर को अब तक 5032 मत प्राप्त हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार को 3870 मत मिले हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी को 767 मत प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार तीसरे चरण की समाप्ति तक प्रशांत किशोर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी पर 1162 मतों की बढ़त बनाए हुए हैं। पिछले चरण की तुलना में बढ़त लगभग स्थिर बनी हुई है, जिससे चुनावी मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है। बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक सीटों में गिना जाता है। यही कारण है कि इस उपचुनाव पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट का परिणाम केवल एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की ताकत और जनसमर्थन का भी संकेत देगा। इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर स्वयं चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी अपनी परंपरागत मजबूत सीट बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल भी मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। तीनों दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान पूरी ताकत झोंकी थी और वरिष्ठ नेताओं ने लगातार जनसभाएं तथा जनसंपर्क अभियान चलाए थे।मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल, बिहार पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। केवल अधिकृत अधिकारियों, मतगणना कर्मियों, प्रत्याशियों और उनके अधिकृत अभिकर्ताओं को ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी गई है। पूरे परिसर की निगरानी बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरों के माध्यम से की जा रही है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शुरुआती चरणों की बढ़त महत्वपूर्ण अवश्य होती है, लेकिन अंतिम परिणाम तक पहुंचने के लिए अभी कई चरणों की मतगणना बाकी है। ऐसे में आने वाले चरणों में मतों का अंतर बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है। इसी कारण सभी दलों के समर्थक और अभिकर्ता प्रत्येक चरण के परिणाम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि आगामी चरणों में भी जन सुराज पार्टी की बढ़त बरकरार रहती है, तो इसे बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जाएगा। वहीं भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद है कि आगे की मतगणना में स्थिति बदल सकती है। राष्ट्रीय जनता दल भी अंतिम परिणाम तक अपनी उम्मीद कायम रखे हुए है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही आधिकारिक परिणाम घोषित किया जाएगा। फिलहाल तीसरे चरण के बाद जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर 1162 मतों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं, जबकि अंतिम फैसला शेष चरणों की मतगणना पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


