December 6, 2022

महात्मा गांधी सेतु के धनुकी पर बस पलटा, 5 की मौत, दर्जनों घायल

पटना सिटी (आनंद केसरी)। अगमकुआं थाना क्षेत्र के महात्मा गांधी सेतु के धनुकी पर एक बस बीआर 31पी 4879 अनियंत्रित होकर करीब 60 फीट गहरी खाई में गिर गई। यह बस पटना से रोसड़ा के लिए जा रही थी। बस मीठापुर बस स्टैंड के खुल जब जीरो माइल से होते हुए हाजीपुर की ओर बढ़ रही थी, तब अचानक बस का चालक उस पर से नियंत्रण खो दिया। बस के आगे दो-तीन लोग खड़े थे और एक बाइक भी बस को ओवरटेक कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज में 3 लोग फुटपाथ पर खड़े थे। अचानक बस आई और और बाएं की ओर घूमते रोड पर खड़े 3 लोगों में से दो को धक्का मारते हुए गड्ढे में गिर गई। बस हाई टेंशन तार को सहारा दिए टावर को क्षतिग्रस्त करते करीब 60 फ़ीट गड्ढे में गिर गई।

इस घटना के बाद कोहराम मच गया। बस बिजली के टावर को क्षतिग्रस्त करते हुए गड्ढे में गिर गई। घटना के बाद धनुकी के आसपास के मोटर गैराज दुकान और घरों से निकलकर लोग बचाव कार्य में लग गए।

मौके पर अगमकुआं थाना की पुलिस, बाईपास ट्रैफिक थाना की पुलिस समेत आलमगंज थाना सुर आसपास के थाना की पुलिस, एसएसपी मनु महाराज, ट्रैफिक एसपी, सिटी एसपी राजेंद्र सिंह भील, एसपी बलिराम चौधरी, एसडीओ राजेश रोशन घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटनास्थल पर एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची है और बस में से लोगों को रेस्क्यू कर निकालने के काम में लग गई है। करीब 20 घायलों को एनएमसीएच में दाखिल कराया गया है। चार लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है। हालांकि मौत का आंकड़ा बढ़कर 5 हो गया है। गंभीर रूप से घायलों को पीएमसीएच भी भेजा गया है। 7 की हालत गम्भी बताई जा रही है। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लगी है।

गायघाट ग्रिड में संपतचक से पहुंचने वाली बिजली का लाइन का टावर क्षतिग्रस्त होने के कारण बिजली बाधित हो गई है। इस कारण से मीना बाजार, गायघाट, एनएमसीएच सब स्टेशन समेत अन्य सब-स्टेशनों की बिजली बाधित हो गई है। हालांकि मंगल तालाब सब-स्टेशन को दूसरे ग्रिड से बिजली की आपूर्ति की जा रही है, मगर वह भी रुक-रुक कर बाधित हो रही है। स्थिति यह है कि एनएमसीएच के आपदा वार्ड में भी अफरा-तफरी की स्थिति मची है। यहां पुलिस प्रशासन के नुमाइंदे घायलों को बेहतर इलाज दिलाने की व्यवस्था कर रहे हैं। मगर उन लोगों को दवाएं पर्याप्त नहीं मिल पा रही है। उसके पीछे कारण है कि उन लोगों के साथ अटेंडेंट के तौर पर कोई नहीं है, जो डॉक्टर के द्वारा सुझाए गए दवा को बाहर से खरीद कर ला कर दे सके।

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