कैंसर मरीजों के लिए पैलियेटिव केयर बहुत ही महत्वपूर्ण : CS
* सरकार कैंसर की जागरूकता एवं पैलियेटिव केयर के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही
* संस्थान में बनेगा 100 बेड का पैलियेटिव केयर हॉस्पीस

फुलवारीशरीफ। वर्ल्ड हॉस्पीस एंड पैलियेटीव केयर डे की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को महावीर कैंसर संस्थान में एक सीएमई का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन पटना सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह, संस्थान के निदेशक (चिकित्सा) डॉ. मनीषा सिंह एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलबी सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी ने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए पैलियेटिव केयर बहुत ही महत्वपूर्ण है। बड़े कैंसर अस्पतालों के साथ-साथ बिहार के अन्य हिस्सों में भी पैलियेटिव केयर की व्यवस्था की जानी चाहिए। सरकार कैंसर की जागरूकता एवं पैलियेटिव केयर के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। पैलियेटिव केयर और कैंसर मरीजों के इलाज के लिए संस्थान के चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों को उन्होंने बधाई दी।
सीएमई में स्वागत भाषण करते हुए डॉ. मनीषा ने पैलियेटिव केयर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी रोग में और विशेषकर कैंसर जैसे गंभीर रोग में चिकित्सा के साथ-साथ पैलियेटिव केयर की भी उतनी ही महत्ता है। पैलियेटिव केयर दर्द से मुक्ति देने वाली एक देखभाल है। परिवार छोटे होने के चलते घर पर लोग गंभीर मरीजों एवं बुजुर्गों की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए पैलियेटिव केयर का महत्व बढ़ गया है।
संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एलबी सिंह ने कहा कि टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल के बाद महावीर कैंसर संस्थान देश का दूसरा सबसे बड़ा कैंसर अस्पताल है। वर्तमान में इस संस्थान में पैलियेटिव केयर एक विभाग के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक मरीज की चिकित्सा के साथ-साथ उनका पैलियेटिव केयर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिर्फ कैंसर में ही नहीं बल्कि अन्य गंभीर बिमारियों में भी पैलियेटिव केयर की भूमिका महत्वपूर्ण है। अगले वित्तीय वर्ष के शुरूआत में संस्थान द्वारा सरकार के सहयोग से 100 बेड का पैलियेटिव केयर हॉस्पीस बनाया जाएगा। डॉ. सिंह ने चिकित्सकों को गरीब मरीजों को सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने के लिए अपील किया।
संस्थान के पैलियेटिव केयर विभाग की प्रमुख डॉ. ऋता रानी ने बताया कि पूरे देश ने पैलियेटिव केयर की आवश्यकता को महसूस किया है। उन्होंने कॉमयूनिकेशन स्कील्स, कैंसर के बारे में जानकारी और घर में बूजुर्ग लोगों के स्वास्थ्य हेतु जरूरतों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वर्ल्ड हॉस्पीस एंड पैलियेटीव केयर डे का मुद्दा है कि कोई न छूटे, सबको पैलियेटिव केयर का समान अधिकार मिले।
इस सीएमई में पटना एम्स से डॉ. प्रीताजंली सिंह, आईजीआईएमएस से डॉ. राजेश सिंह, संस्थान के डॉ. सुबोध कुमार सिन्हा, डॉ. अजय विद्यार्थी, डॉ. ऋचा चौहान, डॉ. टीआर रहमान, डॉ. मुकुल मिश्रा, डॉ. अविनाश उपाध्याय सहित सैकड़ों वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया । अंत में रेडियोथेरेपी विभाग की प्रमुख डॉ. विनीता त्रिवेदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ. रजनी सिन्हा ने किया।

