September 19, 2026

‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता:’ : बिहार डाक परिमंडल द्वारा नारी सम्मान समारोह का आयोजन, 2020-2021 में लगभग 4,14,190 सुकन्या खाते खुले

पटना। संस्कृत में एक श्लोक है- ‘यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता:’, जिसका मतलब है ‘जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बिहार डाक परिमंडल द्वारा पटना जीपीओ परिसर में सम्मान सह पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शाहीना परवीन- महिला सशक्तिकरण में, अर्चना पांडे- पहली महिला कैब ड्राईवर, संध्या सिन्हा- महिला रोजगार को बढ़ावा देने में, सविता अली- रेप और दलित महिलाओं को न्याय दिलाने का काम, अमृता झा- महिला उद्धमी एवं दिप्ती लेखा राय- महिला कृषक अतिथि के रूप में मौजूद रही। मौके पर बिहार डाक परिमंडल द्वारा विभिन्न पदों पर आसीन रहते हुए सराहनीय प्रदर्शन देने के लिए 43 महिला कर्मचारियों व अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी भारती चौधरी, आईएनए, भारतीय महिला सदस्य एक वीडियो संदेश के माध्यम से इस कार्यक्रम का हिस्सा बनी। पुरस्कार वितरण समारोह में ‘डाकघरों में महिला कर्मचारी’ एवं ‘रानी झांसी रेजिमेंट’ पर विशेष आवरण का विमोचन किया गया।
बता दें वर्त्तमान में बिहार में पांच महिला डाकघर कार्यरत हैं, जिसमें सारी सेवाएं महिलाओं द्वारा दी जा रही है, साथ-ही पटना आरएमएस के एक सेट का संचालन भी महिलाओं द्वारा हीं किया जा रहा है। पटना जीपीओ परिसर के इस कार्यक्रम का संचालन महिलाओं द्वारा किया गया। बिहार डाक परिमंडल द्वारा 2020-2021 में लगभग 4,14,190 सुकन्या खाते खोले जा चुके है। इस समारोह में मौजूद अतिथियों ने डाक विभाग के इस कार्यक्रम एवं उनके महिलाओं के प्रति सराहनीय योगदान को सराहा।

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