बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 13 जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट, अगले पांच दिन बारिश के आसार
- राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और तेज हवा चलने की संभावना, तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के संकेत
- कई जिलों में झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से राहत, औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से महिला की मौत
पटना। बिहार में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार वर्षा की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को पूरे बिहार में वर्षा की संभावना व्यक्त करते हुए पटना सहित 13 जिलों के लिए भारी वर्षा का नारंगी सतर्कता संकेत तथा 25 जिलों के लिए पीला सतर्कता संकेत जारी किया है। विभाग के अनुसार आगामी पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश भागों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम तथा कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है।
राज्यभर में बढ़ी वर्षा की गतिविधियां
बुधवार सुबह बेगूसराय में तेज वर्षा के साथ दिन की शुरुआत हुई। आसमान में घने बादल छाए रहे और विद्यालय जाने वाले बच्चे छाता लेकर निकलते दिखाई दिए। बक्सर और मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में भी सुबह से बादलों का डेरा बना रहा। मुजफ्फरपुर में एक दिन पहले भी कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई थी। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम सुहावना बना रहेगा। पिछले चौबीस घंटों के दौरान खगड़िया, समस्तीपुर, सासाराम और जमुई में अच्छी वर्षा दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में वर्षा के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि औरंगाबाद में वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मृत्यु हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
तापमान में आई गिरावट
राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहने के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हल्की उमस के बावजूद ठंडी हवाओं ने लोगों को राहत पहुंचाई। दूसरी ओर कैमूर 38.7 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि सासाराम में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिन जिलों में वर्षा हुई, वहां तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रहने से तापमान में और कमी आ सकती है। इससे किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
मानसून अभी भी सामान्य से पीछे
यद्यपि पिछले चौबीस घंटों के दौरान वर्षा की गतिविधियों में तेजी आई है, फिर भी पूरे मानसून सत्र के आंकड़े सामान्य वर्षा से पीछे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून तक बिहार में कुल 87.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत वर्षा 163.3 मिलीमीटर होती है। इस प्रकार राज्य में अब तक सामान्य से लगभग 46 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार के कई जिलों में हाल के दिनों में अच्छी वर्षा दर्ज होने से स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिलने लगे हैं।
अगले चार दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने एक जुलाई से चार जुलाई तक राजधानी पटना सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान व्यक्त किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दो जुलाई को पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर तथा आसपास के जिलों में भी बादल छाए रहने और वर्षा होने के आसार हैं। विभाग ने लोगों को तेज हवा, आकाशीय बिजली और भारी वर्षा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में कार्य करते समय मौसम की जानकारी लेते रहने का आग्रह किया गया है। प्रशासन ने संबंधित जिलों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मानसून की सक्रियता ने राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। जहां लगातार हो रही वर्षा ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत पहुंचाई है, वहीं कृषि क्षेत्र के लिए भी यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। हालांकि सामान्य से कम वर्षा की स्थिति अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, लेकिन आगामी दिनों में अच्छी वर्षा होने की संभावना से किसानों और आम नागरिकों में उम्मीद जगी है। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है तो आने वाले दिनों में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और राज्य में मानसून सामान्य स्थिति की ओर बढ़ सकता है।


