सासाराम में पुरानी रंजिश ने लिया खौफनाक रूप, चाकू से हमले में एक भाई की मौत

  • तिलक समारोह से लौट रहे दो भाइयों पर घात लगाकर हमला, एक गंभीर रूप से घायल
  • पानी और बिजली विवाद से जुड़ी दुश्मनी बनी वजह, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया

सासाराम। बिहार के सासाराम में पुरानी रंजिश और आपसी विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। शिवसागर थाना क्षेत्र के गिरधरिया गांव में देर रात तिलक समारोह से लौट रहे दो सगे भाइयों पर बदमाशों ने घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में एक भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 35 वर्षीय पप्पू सिंह के रूप में हुई है, जबकि उनके भाई वकील सिंह गंभीर रूप से घायल हैं। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए वाराणसी भेजा गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उनके शरीर पर कई जगह गहरे घाव हैं, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि दोनों भाई एक तिलक समारोह में शामिल होकर देर रात अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। अचानक हुए इस हमले में बदमाशों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। पप्पू सिंह पर इतने गंभीर वार किए गए कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनके भाई भी बुरी तरह घायल होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों के अनुसार इस वारदात की जड़ में पुरानी रंजिश है, जो पड़ोसियों के बीच लंबे समय से चली आ रही थी। बताया गया है कि पानी के नल और बिजली के तार को लेकर भुवनेश्वर तिवारी और नागेंद्र तिवारी के परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। यह विवाद धीरे-धीरे गहराता गया और कई बार मारपीट तक की नौबत आ चुकी थी। करीब दो साल पहले भी इस विवाद को लेकर थाने में मामला दर्ज कराया गया था। इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। हाल ही में 18 अप्रैल को भी इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प और मारपीट हुई थी। माना जा रहा है कि उसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना पूर्व नियोजित प्रतीत होती है, क्योंकि हमलावर पहले से ही मौके पर घात लगाकर बैठे थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि हमला पूरी योजना के तहत किया गया। पुलिस इस मामले में साक्ष्य जुटाने और अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है। इस घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे विवाद को समय रहते सुलझाया जाता, तो शायद इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे विवाद अक्सर गंभीर रूप ले लेते हैं, यदि समय पर उनका समाधान नहीं किया जाए। ऐसे मामलों में प्रशासन और समाज दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। सासाराम की यह घटना आपसी रंजिश के खतरनाक परिणामों को दर्शाती है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है कि वह इस मामले में कितनी जल्दी न्याय सुनिश्चित कर पाती है और दोषियों को सजा दिला पाती है।