बाबासाहेब की जयंती पर पटना में राजकीय कार्यक्रम, नीतीश ने बतौर सीएम अंतिम बार किया नमन
- अंतिम मंत्रिपरिषद बैठक के बाद राजभवन जाएंगे नीतीश, गठबंधन विधायक दल की बैठक में होगा फैसला
- केंद्रीय पर्यवेक्षक की मौजूदगी में नए नेता पर मुहर, कल शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित
पटना। बिहार की राजनीति आज एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, जहां राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। बीते लगभग दो दशकों से राज्य की कमान संभाल रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देंगे। इसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर गतिविधियां तेज रहीं। जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, मंत्री विजय चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री से भेंट की। बताया जाता है कि इन बैठकों में सरकार गठन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से भीमराव आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेता एक ही वाहन से कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जिसने राजनीतिक हलकों में कई संकेत दिए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अंतिम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद दोपहर में जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में संबंधित दल अपने-अपने नेता का चयन करेंगे। दोपहर करीब तीन बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही वर्तमान सरकार का औपचारिक समापन हो जाएगा। इसके बाद शाम चार बजे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायक दल की संयुक्त बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी उपस्थिति में नए नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी और औपचारिक घोषणा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन के सभी घटक दलों के विधायक अपने-अपने स्तर पर बैठक कर रणनीति तय कर रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड, भारतीय जनता पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों की बैठकों में नेता चयन को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। राजनीतिक दृष्टिकोण से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता दल यूनाइटेड अपने विधायक दल का नेता किसे चुनती है। यह निर्णय आगे की सत्ता संरचना और राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद अगले दिन सुबह 11 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने की संभावना पैदा कर दी है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहे नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का नया दौर शुरू होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य की नीतियों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं में भी परिवर्तन देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। आज का दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, जहां एक युग का अंत और नए नेतृत्व की शुरुआत होने जा रही है।


