नवादा जहरीली शराब कांड का सच आया सामने : जांच में हुई पुष्टि, सात एफआइआर दर्ज, चौकीदार निलंबित

नवादा। नवादा में जहरीली शराब के सेवन के बाद बीते 4-5 दिनों से एक के बाद एक कर हुई 16 मौतों के मामले में सच सामने आ गया है। पूर्व में जहां पुलिस प्रशासन द्वारा शराब पीने से 16 लोगों की मौत पर खुद का बचाव करती नजर आ रही थी, आज उसकी पुष्टि हो गई है कि 16 लोगों की मौत शराब पीने के कारण हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर नवादा पहुंची उच्चस्तरीय जांच टीम ने शनिवार को बताया कि ये मौतें प्रथम दृष्टया जहरीली शराब के सेवन से हुईं हैं। उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी ने कहा कि खुफिया सूचना, समीक्षा, छापेमारी और सर्च अभियान के आधार पर इस बात की पुष्टि हो रही है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि बिसरा और केमिस्ट जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। इस बीच जिला प्रशासन ने भी जहरीली शराब से मौतों की पुष्टि कर दी है।

सात एफआइआर दर्ज, दोषियों पर होगी कार्रवाई
उत्पाद आयुक्त ने कहा कि बिसरा और केमिस्ट जांच के लिए सैंपल प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। मामले में सात अलग-अलग एफआइआर दर्ज कर जांच चल रही है। इस बाबत बहुत सारे इनपुट और लीड मिले हैं। जिला और पुलिस प्रशासन के स्तर पर एसआइटी का गठन किया जा चुका है। मामले को लॉजिकल एंड तक पहुंचाया जाएगा। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन दबाने की कोशिश कर रही थी
बताते चलें होली के बाद बीते 30 मार्च से लेकर दो 2 अप्रैल तक नवादा में 16 लोगों की संदिग्ध मौतें हुईं थीं। मृतकों के स्वजन लगातार बोल रहे थे कि जहरीली शराब पीने के कारण मौतें हुई है। लेकिन जिला प्रशासन इसे दबाने की कोशिश कर रही थी। शुरूआत में पुलिस व प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत से इनकार करती रही, लेकिन धीरे-धीरे जब मौत का आंकड़ा बढ़ा और चारों ओर से शराबबंदी को लेकर सवाल उठने लगे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच करने उत्पाद आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी के नेतृत्व में आइजी मद्य निषेध अमृत राज, संयुक्त आयुक्त उत्पाद कृष्णा पासवान, एसपी मद्य निषेध पटना संजय कुमार शुक्रवार की शाम नवादा पहुंचे। उन्होंने दो दिनों तक मामले की गहन छानबीन की और अंतत: उच्चस्तरीय जांच में सच सामने आ गया।
प्रशासन ने भी की जहरीली शराब से मौत की पुष्टि
उच्चस्तरीय जांच में सच सामने आने के बाद कल तक इनकार करती रही जिला प्रशासन ने भी आज जहरीली शराब से मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। डीएम यशपाल मीणा और एसपी धूरत सायली साबलाराम ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि चार लोगों का बिसरा पटना लैब भेजा गया है। अब तक सात एफआइआर दर्ज कर ली गई है। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान अहम जानकारियां और पुख्ता सबूत मिले हैं। डीएम ने बताया कि मामले में बुधौल के चौकीदार विकास मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है।

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