पटना के मारूफगंज मंडी में भीषण आग से मचा हड़कंप, पूजा सामग्री की दुकान और गोदाम जलकर राख
- शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में लिया विकराल रूप, कपूर और ज्वलनशील सामान बने बड़ी वजह
- दमकल की चार गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू, लाखों रुपये के नुकसान की आशंका
पटना। राजधनी के सबसे व्यस्त और व्यापारिक इलाकों में गिने जाने वाले मारूफगंज मंडी में उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब अचानक एक दुकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं और आग की लपटों से घिर गया। यह हादसा मालसलामी थाना क्षेत्र स्थित मारूफगंज मंडी में हुआ, जहां पूजा सामग्री और कपूर की दुकान में अचानक आग भड़क उठी। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में दुकान के अंदर हल्की चिंगारी दिखाई दी थी, लेकिन कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दुकान के अंदर बड़ी मात्रा में कपूर, धूपबत्ती, तेल, रुई और अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी, जिसके कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते दुकान के साथ पूरा गोदाम आग की चपेट में आ गया और आसमान में काले धुएं का गुबार उठने लगा। घटना के समय बाजार में रोज की तरह भारी भीड़ थी। आग की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास के दुकानदार अपनी दुकानों को छोड़कर बाहर भागने लगे। कई लोगों ने अपनी दुकानों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की। आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई। कुछ लोगों को आशंका थी कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो पूरा बाजार इसकी चपेट में आ सकता है। स्थानीय लोगों ने तत्काल मालसलामी थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और आसपास के क्षेत्र को खाली कराने का प्रयास शुरू किया गया। थोड़ी ही देर में दमकल विभाग की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मियों ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि तब तक दुकान और गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। आग के कारण दुकान में रखा अधिकांश सामान नष्ट हो गया। व्यापारियों के अनुसार इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है। कई दुकानदारों ने बताया कि पूजा सामग्री और कपूर जैसे सामान अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, इसलिए आग ने बहुत तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मारूफगंज मंडी पटना के सबसे पुराने और घनी आबादी वाले बाजारों में से एक है, जहां संकरी गलियों और भीड़भाड़ के कारण किसी भी दुर्घटना में बचाव कार्य करना बेहद कठिन हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचता तो आग आसपास की अन्य दुकानों और गोदामों तक फैल सकती थी, जिससे भारी तबाही हो सकती थी। घटना के बाद बाजार में मौजूद लोगों ने प्रशासन से अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्रों में नियमित रूप से विद्युत जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही दुकानदारों को भी सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि बाजार में अग्निशमन यंत्रों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। कई दुकानों में सुरक्षा उपकरणों का अभाव है, जिसके कारण छोटी घटनाएं भी बड़े हादसों में बदल जाती हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि बाजारों में समय-समय पर सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाए और विद्युत तारों की स्थिति की भी नियमित निगरानी हो। फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि घटना के बाद पूरे इलाके में धुएं की गंध और तबाही के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। जली हुई दुकान और राख में तब्दील सामान को देखकर व्यापारियों की चिंता साफ झलक रही है। कई दुकानदारों ने कहा कि यह हादसा उनके लिए आर्थिक रूप से बहुत बड़ा झटका साबित हुआ है। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम अब आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मारूफगंज मंडी में हुई इस घटना ने एक बार फिर शहर के भीड़भाड़ वाले बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को अब उम्मीद है कि प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएगा।


