बेंगलुरु हवाई अड्डे पर बड़ा हादसा टला, इंडिगो विमान में धुआं भरने से मची अफरा-तफरी
- चेन्नई जाने वाली उड़ान में केबिन और कॉकपिट में दिखा धुआं, 230 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
- आपातकालीन स्लाइड के जरिए निकाले गए यात्री, दो लोगों को मामूली चोट; नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने शुरू की जांच
बेंगलुरु। केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार शाम एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब चेन्नई जाने वाली इंडिगो एयरलाइन की एक उड़ान में अचानक धुआं भरने लगा। विमान के केबिन और कॉकपिट में धुआं दिखाई देते ही यात्रियों और चालक दल के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि चालक दल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण विमान में सवार 230 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान दो यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विमान को फिलहाल उड़ान भरने से रोक दिया गया है। जानकारी के अनुसार इंडिगो एयरलाइन की उड़ान संख्या 6ई6017 बेंगलुरु से चेन्नई जाने वाली थी। विमान रनवे की ओर बढ़ रहा था और उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान चालक दल ने कॉकपिट और यात्री केबिन में धुआं देखा। स्थिति गंभीर होते देख तुरंत आपातकालीन प्रक्रिया लागू की गई और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का निर्णय लिया गया। एयरलाइन के अधिकारियों के अनुसार विमान में धुआं दिखाई देते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी संबंधित एजेंसियों को सूचना दी गई। चालक दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए विमान में मौजूद सभी यात्रियों और कर्मचारियों को आपातकालीन स्लाइड के माध्यम से बाहर निकाला। विमान में मौजूद यात्रियों को बाद में सुरक्षित टर्मिनल तक पहुंचाया गया, जहां एयरलाइन की ओर से उनकी देखभाल की व्यवस्था की गई। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना एयरबस ए321 विमान में हुई। नियामक संस्था के अनुसार विमान को पीछे धकेलने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब वह रनवे की ओर बढ़ रहा था, तभी कॉकपिट और केबिन में धुआं देखा गया। विमानन क्षेत्र में ‘पुशबैक’ उस प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें विशेष वाहन की मदद से विमान को पार्किंग स्थान से पीछे हटाकर रनवे की दिशा में ले जाया जाता है, क्योंकि विमान में पीछे चलने की सुविधा नहीं होती। नियामक संस्था ने बताया कि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए चालक दल ने विमान की सभी आपातकालीन स्लाइड का इस्तेमाल किया और यात्रियों को तेजी से बाहर निकाला। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बनने से दो यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित बच गए। घटना के बाद विमान को जांच और तकनीकी सुधार के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि विमान में धुआं किस वजह से फैला। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अंतिम कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इंडिगो एयरलाइन ने अपने बयान में कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने बताया कि प्रभावित उड़ान के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की गई, ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े। एयरलाइन के कर्मचारियों ने यात्रियों को आवश्यक सहायता और जानकारी उपलब्ध कराई। घटना के बाद हवाई अड्डे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो और तस्वीरें साझा कीं, जिनमें विमान से धुआं निकलता दिखाई दे रहा था। हालांकि हवाई अड्डा प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में चालक दल की त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन यात्रियों की जान बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इस घटना ने एक बार फिर विमान सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि विमान में धुआं फैलने के पीछे आखिर असली वजह क्या थी।


