प्रधानमंत्री ने ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ योजना का किया शुभारंभ, 2000 करोड रुपए लोगों को हुए वापस
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों को उनके भूले-बिसरे वित्तीय अधिकार वापस दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई महत्वपूर्ण पहल ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों की मेहनत की कमाई, जो वर्षों से बैंक, बीमा कंपनियों या अन्य वित्तीय संस्थानों में बिना दावे के पड़ी रह जाती है, उसे सही मालिक तक वापस पहुंचाया जा सके। प्रधानमंत्री के अनुसार इस योजना के तहत अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये अलग-अलग संस्थानों से निकालकर उनके वास्तविक लाभार्थियों को वापस दिए जा चुके हैं।
योजना के उद्देश्य और सामाजिक महत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में लाखों लोग ऐसे हैं जिनकी बैंक जमा राशि, बीमा पॉलिसियां, म्यूचुअल फंड या डिविडेंड कई वर्षों से बिना दावे के पड़े हुए हैं। कई बार लोगों की मृत्यु के बाद उनके परिवारजन अनजान रहते हैं, या दस्तावेजों के अभाव में अपने ही पैसे तक पहुंच नहीं पाते। यही स्थितियां नागरिकों की वर्षों की बचत को निष्क्रिय कर देती हैं। ऐसे में ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ योजना एक बड़ी राहत के रूप में आई है, जो इन भूले हुए वित्तीय संसाधनों को फिर से सक्रिय कर लोगों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाती है।
देश में बिना दावे के पड़े वित्तीय एसेट्स
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बैंकों के पास लगभग 78,000 करोड़ रुपये बिना दावे के पड़े हुए हैं। बीमा कंपनियों के पास करीब 14,000 करोड़ रुपये की राशि क्लेम न किए जाने के कारण अटकी हुई है। इसी तरह म्यूचुअल फंड कंपनियां लगभग 3,000 करोड़ रुपये और कंपनियों द्वारा घोषित लेकिन वितरित न किए गए लाभांश लगभग 9,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं। ये सभी राशि मिलकर एक बहुत बड़ा आर्थिक संसाधन हैं, जिसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए, लेकिन जानकारी के अभाव में वर्षों से निष्क्रिय पड़े हुए हैं।
सरकार और नियामक संस्थाओं की पहल
जनता को उनका हक वापस दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने कई नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर विशेष पोर्टल विकसित किए हैं। इन पोर्टल्स के माध्यम से लोग अपने नाम पर पड़ी अनक्लेम्ड रकम को आसानी से खोज सकते हैं और क्लेम कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
यूडीजीएएम पोर्टल – बैंक खातों और जमा राशि की जानकारी खोजने के लिए
बीमा भरोसा पोर्टल – बीमा पॉलिसी से जुड़े अनक्लेम्ड रकम को खोजने के लिए
मित्रा पोर्टल – म्यूचुअल फंड में बिना दावे की राशि खोजने के लिए
आईईपीएफए पोर्टल – कंपनियों के लाभांश, शेयर या अन्य वित्तीय एसेट्स को क्लेम करने के लिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पोर्टल्स को बहुत सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-मित्र बनाया गया है, ताकि आम नागरिक भी आसानी से इनका उपयोग कर सकें।
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंच
सरकार का उद्देश्य केवल पोर्टल शुरू करना ही नहीं, बल्कि इनका लाभ हर व्यक्ति तक पहुँचाना भी है। इसी उद्देश्य से देश के 477 जिलों में विशेष सुविधा शिविर आयोजित किए गए हैं। इनमें ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है, क्योंकि अक्सर इन्हीं क्षेत्रों के लोग दस्तावेजों के अभाव या जानकारी की कमी के कारण अपने वित्तीय अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। इन शिविरों में अधिकारियों द्वारा ऑन-स्पॉट जांच और सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे लोगों का दावा प्रक्रिया और सरल हो जाता है।
योजना की अब तक की उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक लगभग 2,000 करोड़ रुपये अपने वास्तविक मालिकों तक पहुंच चुके हैं। यह संख्या यह दर्शाती है कि देश में अनक्लेम्ड फाइनेंशियल एसेट्स का स्तर कितना बड़ा है और इस दिशा में सरकार के प्रयास कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने भूले हुए वित्तीय संसाधनों को वापस पाने की प्रक्रिया शुरू करें।
नागरिकों को प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने संदेश देते हुए कहा कि यह पहल नागरिकों के वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू की गई है। जो पैसा आपका है, वह आपको मिले – यही इस अभियान की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत की कमाई को वापस पाना हर नागरिक का अधिकार है और इस पहल के माध्यम से सरकार उस अधिकार को सुरक्षित करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल न केवल नागरिकों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगी, बल्कि देश की वित्तीय व्यवस्था को भी पारदर्शी और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे संबंधित पोर्टल्स पर जाकर अपनी अनक्लेम्ड राशि खोजें और उसे वापस प्राप्त करें।‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ योजना एक ऐसी राष्ट्रीय पहल है जो नागरिकों को उनके वित्तीय अधिकार वापस दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। अनक्लेम्ड एसेट्स को वापस पाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान, पारदर्शी और सुलभ हो गई है। सरकार, नियामक संस्थाओं और बैंकों के समन्वित प्रयासों से यह योजना आने वाले समय में लाखों परिवारों के आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।


