September 25, 2026

जदयू कार्यालय में पहुंचे निशांत कुमार, पार्टी में आने के बाद पहली बार पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बुधवार को अचानक जनता दल यूनाइटेड के पटना स्थित पार्टी कार्यालय पहुंच गए। उनके पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कई कार्यकर्ता उनके समर्थन में नारे भी लगाने लगे। कार्यकर्ताओं ने ‘बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’ जैसे नारे लगाए, जिससे पार्टी कार्यालय में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। पार्टी कार्यालय में पहुंचने के बाद निशांत कुमार को देखने और उनसे मिलने के लिए कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कई कार्यकर्ता उनके आसपास जमा हो गए और उनसे बातचीत करने लगे। हाल ही में पार्टी में शामिल हुए निशांत कुमार की सक्रियता को देखते हुए राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
हाल ही में जदयू में शामिल हुए हैं निशांत कुमार
निशांत कुमार ने 8 मार्च को औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण की थी। पार्टी में शामिल होने के बाद से वे लगातार विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत को लेकर राज्य की राजनीति में भी काफी चर्चा हो रही है। पार्टी में शामिल होने के समय जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें पार्टी का गमछा और टोपी पहनाकर सदस्यता दिलाई थी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने अपने पिता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आशीर्वाद भी लिया था।
पार्टी कार्यालय में मौजूद थे शिक्षा मंत्री
जब निशांत कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचे, उस समय बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भी वहां मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हर बुधवार को पार्टी कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया जाता है, जहां आम लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान निशांत कुमार भी वहां पहुंच गए और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करने लगे। उन्होंने बताया कि जनता दरबार के दौरान कई लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिन्हें सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर प्रतिक्रिया
पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं द्वारा निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर जब शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाएं स्वाभाविक होती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेताओं के प्रति उत्साह और समर्थन व्यक्त करते हैं, इसलिए इस तरह की मांग सामने आना कोई असामान्य बात नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व से जुड़े फैसले पार्टी के स्तर पर लिए जाते हैं।
धार्मिक स्थलों पर भी पहुंचे थे निशांत
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। सोमवार को वे पटना के कंकड़बाग स्थित मंजू सिन्हा पार्क पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपनी मां की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा था कि उन्हें अपनी मां की बहुत याद आती है। उन्होंने कहा कि उनकी मां का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ बना रहे और उनकी कमी उन्हें हमेशा महसूस होती है। इसके बाद निशांत कुमार पटना सिटी स्थित तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने मत्था टेककर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे बड़ी पटन देवी मंदिर भी गए, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की।
बिहार के सभी जिलों में यात्रा की योजना
निशांत कुमार ने हाल ही में कहा था कि वे बिहार के सभी 38 जिलों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अभी इस यात्रा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है। उनका कहना था कि राज्य के लोगों से संवाद करना और उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे आगे विभिन्न जिलों का दौरा कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री बनने के सवाल से बचते नजर आए
जब पत्रकारों ने निशांत कुमार से यह सवाल किया कि कई कार्यकर्ता उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं, तो उन्होंने इस प्रश्न का सीधा जवाब नहीं दिया। वे इस सवाल को टालते हुए आगे बढ़ गए। हालांकि उनकी सक्रियता और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए राजनीतिक हलकों में उनके भविष्य को लेकर चर्चा जारी है।
पिता के काम को आगे बढ़ाने की बात
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने कहा था कि वे जनता दल यूनाइटेड के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले बीस वर्षों में बिहार के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और वे उन कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता का राज्यसभा जाने का निर्णय उनका व्यक्तिगत फैसला है और जनता को उन पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
नीतीश कुमार की शैली में किया अभिवादन
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने अपने पिता की शैली में हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया था। उस समय वे सफेद कुर्ता और साधारण चप्पल पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनकी सादगी और व्यवहार को लेकर भी चर्चा हुई थी। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अपने पिता की तरह ही सादगीपूर्ण व्यक्तित्व रखते हैं। निशांत कुमार की बढ़ती सक्रियता के साथ बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे किस प्रकार से राजनीति में अपनी भूमिका निभाते हैं और जनता के बीच अपनी पहचान बनाते हैं।

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