पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज; पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, कार्यकर्ताओं ने भी की पत्थरबाजी
- पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछार की; आंसू गैस के गोले छोड़े, सम्राट चौधरी और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई
- कई कार्यकर्ताओं के सिर फटे, कई हिरासत में पुलिस ने महिलाओं को भी पीटा
- बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ट्वीट कर महागठबंधन सरकार पर किया हमला
पटना। राजधानी पटना में गुरुवार को डाकबंगला चौराहे पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर पटना पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया। यह लाठीचार्ज पटना तब हुआ, जब बीजेपी के कार्यकर्ता विधानसभा मार्च के लिए गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहा पहुंचे थे। पुलिस के इस लाठीचार्ज में बीजेपी के कई कार्यकर्ताओं को काफी चोट लगी है। लाठीचार्ज के दौरान कई कार्यकर्ताओं के सिर से खून गिरता दिखा। इसके अलावा पुलिस द्वारा बीजेपी कार्यकर्ताओं के विधानसभा मार्च को रोकने के लिए उन पर पानी की बौछार भी की गयी। जानकारी के अनुसार, डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। कार्यकर्ता नहीं माने तो पुलिस ने पहले वाटर कैनन से पानी की बौछार की। आंसू गैस के गोले छोड़े। फिर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी की। पुलिस पर मिर्ची स्प्रे से हमला किया। पुलिस की लाठीचार्ज में बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता घायल हुए हैं। कई कार्यकर्ताओं के सिर फट गए। लाठीचार्ज के दौरान सांसद जनार्दन सिग्रीवाल के सिर पर भी चोट लगी है। प्रदर्शन में शामिल भाजपा बिहार प्रदेशाध्यक्ष सम्राट चौधरी और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई। विधानसभा संयोजक डॉ. संजय मिश्रा को कुर्ता फाड़कर पीटा गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी पुलिस ने नहीं छोड़ा। नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हमें खदेड़ा जा रहा है। पुलिस ने सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को बस भरकर ले गई। भाजपा अपनी तीन मांगों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है। इनमें पहली- नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देना, दूसरा- 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने के वादा का क्या हुआ, तीसरा- चार्जशीटेड तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर बीजेपी मार्च कर रही है।


पटना में हुआ लाठीचार्ज राज्य सरकार की विफलता और बौखलाहट का नतीजा है : जेपी नड्डा
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, भाजपा कार्यकर्ताओं पर पटना में हुआ लाठीचार्ज राज्य सरकार की विफलता और बौखलाहट का नतीजा है। महागठबंधन की सरकार भ्रष्टाचार के किले को बचाने के लिए लोकतंत्र पर हमला कर रही है। जिस व्यक्ति पर चार्जशीट हुई है, उसको बचाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री अपनी नैतिकता तक भूल गए हैं। वही एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट शशिभूषण कुमार और सिपाही पवन पर पत्थर और मिर्ची पाउडर फेंका गया है। बीजेपी विधायक नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार लोकतंत्र की हत्या करवा रहे हैं। लाठीचार्ज की जा रही है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। बताया जा रहा हैं की बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम गांधी मैदान से विधानसभा के लिए आगे बढ़ने लगा है। विधान सभा मार्च में पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, शाहनवाज हुसैन समेत कई पूर्व मंत्री शामिल हैं। वही घेराव से शुरू करने से पहले बीजेपी के विधायक नंद किशोर यादव ने कहा कि सरकार ने 10 लाख नौकरियां देने का दावा किया था, जो पूरा नहीं हुआ। शिक्षकों को आज तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला है। सरकार अपने वायदे को पूरा करने में असफल रही है। वहीं शिक्षकों के आज गैरमौजूद रहने पर सस्पेंड के विभागीय आदेश को भाजपा विधायक ने दमनकारी फैसला बताया।

पटना में सुरक्षा में 40 मजिस्ट्रेट तैनात
बीजेपी के प्रदर्शन को रोकने के लिए गांधी मैदान से आईटी गोलबंर तक 40 मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। गांधी मैदान, डाक बंगला चौराहा, इनकम टैक्स गोलंबर, भाजपा ऑफिस के पास, आर ब्लॉक और विधानसभा के पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहरी क्षेत्र के साथ ही पटना सिटी, मसौढ़ी और आसपास के समेत ग्रामीण इलाकों के थानों की पुलिस टीम को बुलाया गया है। इनकी तैनाती अलग-अलग जगहों पर की गई। साथ में बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस के जवानों को खासकर करके डाक बंगला चौराहा पर तैनात किया गया है।
डाकबंगला चौराहे पर रोकने की तैयारी : एसएसपी
भाजपा के विधानसभा मार्च को लेकर पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा खुद एक्टिव हैं। वो डाकबंगला चौराहा पर खुद पहुंचे। सुरक्षा की तैयारियों का जायजा लिया। मौके पर एसएसपी ने कहा कि पटना पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी है। पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। डाक बंगला चौराहा के आगे किसी भी प्रकार के जुलूस को जाने नहीं दिया जाएगा।
बीजेपी ने 10 लाख नौकरी का मांगा हिसाब
बिहार बीजेपी ने इस कार्यक्रम को लेकर एक प्रेस रिलीज भी जारी किया है। इसमें सरकार से 10 लाख लोगों को नौकरी देने का हिसाब मांगा गया है। प्रेस नोट के जरिए सरकार से सवाल किया गया है कि अभी तक कितनी नियुक्तियां हुई और कितनी प्रोसेस में है। प्रेस नोट के जरिए पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विपक्ष सरकार से लगातार सवाल कर रहा है, लेकिन पिछले तीन दिनों से विधानसभा में सरकार जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि उल्टे सरकार नियोजित शिक्षकों से परीक्षा देने को कह रही है, जिन्हें 42 हजार रुपए मिल रहे हैं। बीजेपी नेता का कहना है कि शिक्षकों को प्रेशर डाला जा रहा है, ताकि वे लोग 28 हजार में नौकरी करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 लाख 70 हजार नियोजित शिक्षक हैं, जिन्हें सरकार वेतन नहीं दे रही। राज्य कर्मी का दर्जा नहीं दे रही। हम लोग सरकार से जवाब मांग रहे, लेकिन सरकार जवाब देना नहीं चाहती। मोदी ने आगे कहा कि शिक्षकों को गाली देने का काम सरकार के मंत्री कर रहे हैं। बिहार के शिक्षा मंत्री बच्चों के टैलेंट पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में कहीं चले जाइए बिहार के लोग पढ़ाते नजर आएंगे। आज बिहार की अस्मिता का सवाल है।

