औरंगाबाद में स्नातक छात्र की चाकू मारकर हत्या, घर से बुलाकर ले गए थे हमलावर

  • गया महाविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था मोहम्मद फैज, हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश
  • पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया, आपसी रंजिश और प्रेम-प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच जारी

औरंगाबाद। जिले के रफीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सनसनीखेज हत्या की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। गया महाविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई कर रहे एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रफीगंज निवासी मोहम्मद फैज के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात कुछ युवक मोहम्मद फैज को उसके घर से बुलाकर बाहर ले गए थे। परिजनों को शुरुआत में किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें सूचना मिली कि फैज पर चाकू से हमला किया गया है। खबर मिलते ही परिवार और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। खून से लथपथ हालत में फैज को तत्काल रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। बताया जाता है कि मोहम्मद फैज अपने परिवार में सबसे छोटा था। वह दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा सदस्य था। परिवार के लोगों के अनुसार, फैज पढ़ाई में काफी तेज और व्यवहार कुशल था। वह गया महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था और आगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का सपना देख रहा था। उसकी अचानक हुई हत्या से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के पिता मोहम्मद सदीक आर्थिक तंगी के कारण झारखंड के हजारीबाग में रहकर रूई और गद्दे बनाने का काम करते हैं। घटना के समय भी वह हजारीबाग में ही मौजूद थे। बेटे की हत्या की सूचना मिलते ही वह बदहवास हालत में रफीगंज के लिए रवाना हो गए। परिवार और रिश्तेदारों के बीच मातम का माहौल बना हुआ है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और इसे बेहद दुखद बता रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार पुलिस बल के साथ अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने मौके से कुछ अहम सुराग जुटाने का दावा किया है। थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि हत्या के मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर ली जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस आपसी विवाद, पुरानी रंजिश, दोस्ती के विवाद और प्रेम-प्रसंग समेत कई संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। जांच टीम मृतक के मोबाइल फोन, कॉल विवरण और उसके हाल के संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है ताकि हत्या के पीछे की साजिश का खुलासा किया जा सके। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक होनहार छात्र की बेरहमी से हत्या ने न केवल उसके परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही हत्या की गुत्थी सुलझाकर अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।

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