नालंदा में सड़क हादसे में ग्रामीण की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम
- अमनारखास गांव के पास अज्ञात वाहन ने पैदल लौट रहे व्यक्ति को कुचला, अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
- परिजनों के सामने जीविका का संकट, विकलांग पुत्र और परिवार के भविष्य को लेकर गांव में चिंता
बिहारशरीफ। नालंदा जिले के एकंगरसराय-इस्लामपुर मुख्य मार्ग पर मंगलवार की रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार सुबह मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक सड़क जाम रखा। इस दौरान मार्ग पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और सरकारी सहायता का आश्वासन देने के बाद जाम समाप्त कराया गया। मृतक की पहचान अमनारखास गांव निवासी 51 वर्षीय गणेश बिन्द के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार की रात गांव के देवी मंदिर प्रांगण में कीर्तन और भजन कार्यक्रम आयोजित था। गणेश बिन्द कार्यक्रम देखकर पैदल अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एकंगरसराय-इस्लामपुर मुख्य मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और अचेत हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल गणेश बिन्द को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एकंगरसराय पहुंचाया। हालांकि अस्पताल पहुंचने तक उनकी हालत अत्यंत गंभीर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। बुधवार तड़के मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने अमनारखास गांव के समीप मुख्य सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग करने लगे। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और वाहन नियंत्रण को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। सड़क जाम की सूचना मिलते ही अनिल कुमार, पुलिस अधिकारियों और अंचल अधिकारी विवेक कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सरकारी नियमों के अनुसार मृतक के परिजनों को मिलने वाली सभी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब दो घंटे बाद सड़क जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका। जाम के दौरान मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान अमनारखास पंचायत की मुखिया रूबी देवी ने मुख्यमंत्री कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत मृतक के परिजनों को तीन हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक परिवार को अतिरिक्त सरकारी सहायता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। गांव के लोगों का कहना है कि गणेश बिन्द अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्र हैं। इनमें छोटा पुत्र नंदलाल कुमार शारीरिक रूप से पूरी तरह विकलांग बताया जा रहा है। परिवार का भरण-पोषण पूरी तरह गणेश बिन्द की कमाई पर निर्भर था। ऐसे में उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों के बीच अब यही चर्चा है कि एक विधवा महिला और उसके दो बच्चों, जिनमें एक विकलांग पुत्र भी शामिल है, का पालन-पोषण आगे कैसे होगा। गांव के लोगों ने प्रशासन से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता, विकलांग पुत्र के इलाज और परिवार के पुनर्वास की मांग की है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।


