बांका में कुएं में डूबकर दो की दर्दनाक मौत, दो अलग-अलग जगहों पर हादसा, परिवार में कोहराम

बांका। बिहार के बांका जिले में गुरुवार शाम दो दर्दनाक हादसों ने पूरे क्षेत्र को शोक में डूबो दिया। अलग-अलग स्थानों पर दो व्यक्तियों की कुएं में डूबकर मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है। घटनाओं के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, और ग्रामीणों में भी गहरा दुख है।
पहला हादसा: शुभासिंहडीह गांव में पैर फिसलने से मौत
पहली घटना आनंदपुर थाना क्षेत्र के शुभासिंहडीह गांव की है। यहाँ 51 वर्षीय राजेंद्र यादव की मौत कुएं में डूबने से हो गई। परिजनों के अनुसार, राजेंद्र यादव रोज की तरह शाम को पानी भरने के लिए गांव के कुएं पर गए थे। लेकिन काफी देर बीतने के बाद भी वे घर नहीं लौटे, जिस पर परिवार के सदस्यों ने आसपास तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान ग्रामीणों ने कुएं में किसी चीज़ के तैरते होने की आशंका जताई। ध्यान से देखने पर पता चला कि वह राजेंद्र यादव का शव था। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। अनुमान है कि पानी भरते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे कुएं में गिर पड़े, जहाँ डूबने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही आनंदपुर थानाध्यक्ष विपिन कुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और परिजनों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि यह कुआँ काफी पुराना है और इसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं है। इससे पहले भी कई बार लोग गिरने से बाल-बाल बचे हैं।
दूसरी घटना: मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का शव मिला
दूसरा हादसा बांका टाउन थाना क्षेत्र के बलियामारा गांव में हुआ। गुरुवार शाम वहां एक कुएं में शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान कटोरिया प्रखंड के बाराडीह गांव निवासी 51 वर्षीय उमेश दास के रूप में हुई। उनकी मां ने बताया कि उमेश मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और बीते सोमवार को अचानक घर से निकल गए थे। इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। परिजन लगातार आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहाँ खोजबीन कर रहे थे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसी बीच गुरुवार को कुछ ग्रामीणों को कुएं में शव दिखाई दिया।
ग्रामीणों ने निकाला शव, परिवार में मातम
सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतक की मां और परिवारजन रो-रोकर बेहाल हैं। उमेश दास विवाहित थे और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है।
पुलिस जांच में जुटी
बांका टाउन थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, मानसिक तनाव के कारण उमेश कहीं भटकते हुए कुएं के पास पहुंचे होंगे, जहाँ दुर्घटनावश गिरने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच करेगी और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कारणों की पुष्टि की जाएगी। दोनों ही मामलों में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में चिंता और सुरक्षा की मांग
इन लगातार दो हादसों के बाद ग्रामीणों में कुएं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता देखने को मिली। कई लोगों का कहना है कि गांवों में अधिकांश पुराने कुएं खुले पड़े हैं और उनके चारों ओर कोई सुरक्षा कवच या दीवार नहीं है। इससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले कुएं के आसपास सुरक्षा घेराबंदी कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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