September 25, 2026

बिहार में भीषण गर्मी की तैयारी शुरू, सरकार ने सभी विभागों को किया अलर्ट

  • अप्रैल से जून तक लू के खतरे को देखते हुए उच्चस्तरीय बैठक, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
  • अस्पतालों में दवाएं, शहरों में प्याऊ और निर्बाध बिजली पर जोर, स्कूलों में बच्चों को दी जाएगी जागरूकता

पटना। बिहार में इस वर्ष गर्मी के तीखे तेवर को देखते हुए सरकार ने अभी से व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। अप्रैल से जून तक भीषण गर्मी और लू की संभावना को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक कर सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, परिवहन, ऊर्जा, शिक्षा, नगर विकास और मौसम विभाग समेत करीब दस महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में गर्मी से निपटने के लिए पहले से तय मानक संचालन प्रक्रिया के तहत तत्काल कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगाह किया है कि अप्रैल के मध्य से तापमान तेजी से बढ़ सकता है और मई-जून में स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। खासकर दक्षिण बिहार के जिलों जैसे नालंदा, गया और रोहतास में तापमान अभी से 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जो आने वाले समय में भीषण गर्मी का संकेत है।
नगर विकास और जल व्यवस्था पर जोर
नगर विकास विभाग को निर्देश दिया गया है कि बस स्टैंड, बाजार और प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकर भी चलाए जाएंगे, ताकि लोगों को पीने के पानी की कमी न हो। शहरी क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक घोल और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए तैयार रहने को कहा गया है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित उपचार मिल सके।
स्कूलों में जागरूकता अभियान
शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया है कि स्कूलों में बच्चों को गर्मी और लू से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाए। हर विद्यालय में जीवन रक्षक घोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके।
मजदूरों और कामगारों के लिए विशेष व्यवस्था
श्रम विभाग को खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि निर्माण स्थलों और अन्य कार्यस्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों को गर्मी से बचाया जा सके।
बिजली और परिवहन पर निगरानी
ऊर्जा विभाग को चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ढीले तारों की मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि गर्मी के कारण आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं परिवहन विभाग को दोपहर 11 बजे से 3:30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन को सीमित करने की तैयारी रखने को कहा गया है, ताकि लोगों को तेज धूप से बचाया जा सके।
सरकार का स्पष्ट संदेश
सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार गर्मी से मुकाबला पहले से ही शुरू कर दिया गया है। सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और समय पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी से लू के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। आने वाले महीनों में इन तैयारियों की सफलता पर ही राज्य में गर्मी से राहत का स्तर निर्भर करेगा।

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