‘हक दो- वादा निभाओ’ अभियान की शुरुआत करेगी भाकपा माले, दीपंकर भट्टाचार्य ने की घोषणा
पटना। भाकपा माले ने चार माह के लिए ‘हक दो- वादा निभाओ’ अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसकी शुरुआत 16 जुलाई को पटना के रवीन्द्र भवन से हो रही है। रवीन्द्र भवन में कार्यकर्ता कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस मौके पर माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य मुख्य वक्ता रहे। माले के राज्य सचिव कुणाल कहते हैं कि गरीब परिवारों को 2 लाख रु. की सहायता राशि देने की दिशा में सरकार के प्रयास नाकाफी हैं। सरकार ने आय प्रमाण पत्र का झमेला बना रखा है। स्थानीय प्रशासन 72000 रु. सालाना का आय प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है। इसका मतलब है कि जरूरतमंदों को सही अर्थों में इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। आय प्रमाण पत्र को लेकर हम अगस्त के महीने में व्यापक आंदोलन में जाएंगे। माले की प्लानिंग के हिसाब से सितंबर-अक्टूबर महीने में सभी 7 मुद्दों पर गांव-गांव जनसंवाद का कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। नवंबर में प्रखंड मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन होगा। अभियान के दौरान बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और 65 प्रतिशत आरक्षण को संविधान की 9 वीं अनुसूची में डालने के सवाल को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। 22 से 26 जुलाई तक विधानमंडल सत्र के दौरान राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर आंदोलनात्मक पहल होगा। सत्र के दौरान नीट घोटाला, मुजफ्फरपुर चिट फंड मामले, रसोइयों के लिए न्यूनतम मानदेय की गारंटी, राज्य में पुल टूटने की धारावाहिक घटनाओं और चुनाव बाद की हिंसा आदि सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। सत्र के दौरान ही 23 जुलाई को आइसा की ओर से नीट घोटाले पर विधानसभा मार्च का कार्यक्रम लिया गया है। 24 जुलाई को मुजफ्फरपुर डीबीआर कांड के खिलाफ मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच व पीड़ितों के न्याय के सवाल पर ऐपवा की ओर से विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ की ओर से भी प्रदर्शन का कार्यक्रम है। 25 जुलाई को खेग्रामस की ओर से विधानसभा पर प्रदर्शन की तैयारी है। किसान महासभा की ओर से 19 जुलाई को बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर विरेाध प्रदर्शन व मुख्यमंत्री का पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित होगा।
हक दो – वादा निभाओ’ अभियान के मुद्दे हैं
1. हर गरीब परिवार को दो लाख रुपये का अनुदान
2. भूमिहीन परिवारों के लिए 5 डिसमिल आवासीय जमीन, सबको पक्का मकान व 200 यूनिट मुफ्त बिजली
3. किसानों के लिए एमएसपी, सिंचाई साधन व कृषि विकास
4. स्कीम वर्कर्स और महिलाओं के सवाल
5. युवाओं के लिए रोजगार, पलायन का सवाल
6. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, ग्रामीण विकास के अन्य सवाल
7. लोकतंत्र व संविधान से जुड़े सवाल


