December 10, 2022

दलितों के अधिकार का कोई हनन नहीं कर सकता: नीतीश कुमार

जदयू का दलित-महादलित सम्मेलन

पटना। बुधवार को भागलपुर, पटना, बक्सर, पूर्णिया, दरभंगा और बेगूसराय में जदयू का दलित-महादलित सम्मेलन हुआ। पटना के सम्मेलन में स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य बशिष्ठ नारायण सिंह मौजूद रहे। राष्ट्रीय महासचिव सह विधायक श्याम रजक पटना सम्मेलन के मुख्य आयोजनकर्ता थे। वहीं भागलपुर में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह के नेतृत्व में सभा हुई। बक्सर में परिवहन मंत्री संतोष निराला, पूर्णिया में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, दरभंगा में भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी और बेगूसराय में पूर्व मंत्री सह विधानपार्षद अशोक चौधरी ने सभा का नेतृत्व किया। सभी सभाओं में उत्साहित कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पटना में आयोजित सभा में नीतीश कुमार ने कहा कि दलितों के अधिकारों का कोई हनन नहीं कर सकता। दुनिया की कोई ताकत नहीं जो देश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को बदल दे। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भावना बनाकर रखने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि हमलोगों का यकीन झगड़ा में नहीं, प्रेम में है। अनाप-शनाप बोलते रहने वालों की चिन्ता नहीं करें। जिनको कोई काम नहीं, वो बोलते रहते हैं। श्री कुमार ने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि जदयू के सभी कार्यकर्ता व नेता इनकी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं और उनके मन में कोई प्रश्न है तो वो जानने की कोशिश करें।
बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में दलित-महादलित के लिए जो कार्य हुए हैं, वैसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं। उन्होंने कहा कि सत्ता यदि सेवा का पर्याय बन जाए तो सरकार और लोकतंत्र को इससे स्थायी मजबूती मिलती है। श्री कुमार ने अपने कार्यों से यह करके दिखाया है। वहीं श्री श्याम रजक ने कहा कि नीतीश कुमार के कारण अब दलित-महादलित याचक नहीं दाता की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के दलित-महादलित नीतीश कुमार के साथ हैं और रहेंगे।

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