चकाई में जदयू का कार्यकर्ता सम्मेलन,पूर्व विधायक सुमित सिंह का हुआ भव्य स्वागत,जगाया जनचेतना
जमुई।सोनो प्रखंड अंतर्गत रजौन पंचायत के बरमानी ग्राम में जदयू द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि जदयू नेता सह पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह शामिल हुए।मौके पर जदयू कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सुमित सिंह ने कहा कि मैं चकाई-सोनो समेत समस्त जमुई जिला अंग क्षेत्र का नेता नहीं बेटा हूं। जनप्रतिनिधि के रूप में या, उसके बाद भी आपके बीच तत्पर रहता हूं। उन्होंने कहा कि वे सेवा, सहायता, मदद, आपके हक-अधिकार, विकास के लिए प्रयासरत रहते हैं, लेकिन यह कोई एहसान नहीं है। यह उनकी ड्यूटी है, यह कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि उसे निभाता हूं, सदैव निभाता रहूंगा। जब तक शरीर में खून का एक कतरा शेष रहेगा, सांस चलती रहेगी, आप सबों के प्रति अपने कर्तव्य से भागूंगा नहीं। कार्यक्षेत्र की चुनौतियों से कभी पीठ दिखाऊंगा नहीं। बस आप लोगों को भी देखना है कि आपका कौन जनप्रतिनिधि सेवक सबसे अधिक कर्तव्यनिष्ठ है, ड्यूटी परस्त है? उसी आधार पर आप अपना भी मत तय कीजिये।
पूर्व विधायक सुमित सिंह ने जनता को संबोधित करते हुए कहा की जैसे आप अपने बच्चे के लिए अच्छा टीचर चुनते, अपने परिजनों के बीमार पड़ने पर अच्छा डॉक्टर चुनते हैं, उसमें धर्म-जाति नहीं देखते तो जनप्रतिनिधि भी उन्हें ही चुनें जो कर्तव्यपरायण हों। आपके लिए अहर्निश तत्पर रहे। जो कोई ऐसा हो, उसे अवसर दें, किसी भावनात्मक मुद्दे के बहकावे में न आएं। जनप्रतिनिधि आपके सेवक हैं, वह आपके प्रति उत्तरदायी हैं, उनसे पूछने, कड़ाई से उनका परीक्षण करने का आपको हक़ है। जैसे बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मेहनत की मजदूरी मांगते हैं, वैसे राजनीति में सबको जनता की सेवा के परिश्रम के अनुसार परिणाम मिलना चाहिए। नीतीश कुमार ने बिहार को एक नई दिशा दी है, हम सबों को अपने-अपने क्षेत्र में उसे और आगे ले जाने एवं मज़बूती देने की जरूरत है।
इस पर मोहम्मद गुलटेन शेख, नसरुद्दीन शेख, मुस्तकीम अंसारी, हलीम अंसारी, पूर्व मुखिया गीतानंद सिंह, पूर्व प्रमुख सुलेमान अंसारी, इदो अंसारी, पंचानंद सिंह, प्रभु राम, प्रकाश यादव, रौशन यादव, मदन तुरी, मोहन तुरी, पूर्व सरपंच कैलाश अंसारी सहित बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता बंधू, माताएं, बहनें, युवा साथी, बुजुर्ग अभिभावक मौजूद थे।


