सहरसा में ढाई साल की मासूम से दरिंदगी, हालत गंभीर, आरोपी गिरफ्तार
सहरसा। जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक ढाई साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। पुलिस और परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह वारदात मंगलवार दोपहर की है। बच्ची के पिता ने बताया कि वह पंजाब में मजदूरी करते हैं और उनकी चार बेटियां हैं। वह घर पर ही सो रहे थे, तभी उनकी सबसे छोटी बेटी घर के दरवाजे के पास अकेली खेल रही थी। इसी दौरान पास के ही एक टोले में रहने वाला 26 वर्षीय राजकुमार शर्मा नामक युवक मौके पर पहुंचा। आरोप है कि उसने बच्ची को गोद में उठा लिया और किसी को शक न हो, इसके लिए उसे तौलिए से ढक कर ले गया। घटना की जानकारी तब हुई जब गांव के एक व्यक्ति ने परिजनों को सूचना दी कि उनकी बच्ची घर से करीब एक किलोमीटर दूर बांसबाड़ी के पास बेहोशी की हालत में पड़ी है। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। जब वे वहां पहुंचे तो बच्ची की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। बच्ची के कपड़े अस्त-व्यस्त थे और वह गंभीर रूप से घायल थी। उसे तुरंत इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल ले जाया गया। सहरसा सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची की जांच की तो पाया कि उसके प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोट के निशान हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के निजी अंग को काफी नुकसान पहुंचा है और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मंगलवार देर रात उसे भागलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। सहरसा के साइबर DSP अजीत कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे उन्हें अस्पताल से सूचना मिली कि एक नाबालिग बच्ची को दुष्कर्म के बाद भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तुरंत टीम को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुला लिया गया है। पुलिस जांच में जुटी ही थी कि इस बीच स्थानीय लोगों ने एक युवक को शक के आधार पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान गांव के ही रहने वाले और पेंटर का काम करने वाले राजकुमार शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उसका कहना है कि उसे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। इधर, इस जघन्य घटना को लेकर इलाके में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों की भीड़ ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। लोगों का कहना है कि ढाई साल की मासूम के साथ इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह घटना है, दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। DSP अजीत कुमार ने कहा कि बच्ची के बयान, डॉक्टरों की रिपोर्ट और FSL की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


