February 15, 2026

BIHAR : लालू की कथित AUDIO को लेकर सियासी तापमान चरम पर, अब अब मांझी और सहनी

पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की कथित आॅडियो को लेकर बिहार का सियासी तापमान चरम पर है। एनडीए की ओर से लालू पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं। बता दें लालू यादव पर नवगठित एनडीए सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लग रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा नेता सुशील मोदी के बाद एनडीए सरकार में शामिल वीआईपी के अध्यक्ष व मंत्री मुकेश सहनी और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के मुखिया जीतन राम मांझी ने भी लालू यादव पर विधायकों के पास फोन कर सरकार गिराने के लिए प्रलोभन देने का आरोप लगाकर सियासी आग को हवा दे दी है।
मांझी बोले, पूरे प्रकरण की हो जांच
गुरुवार को जीतन राम मांझी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लालू यादव ने उनसे बात करने की कोशिश की थी। हालांकि मैंने बात नहीं की। लालू यादव ने मेरे विधायकों को भी प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि लालू यादव रांची जेल में बैठकर राजनीति कर रहे हैं। यह एक गलत परंपरा है और हमारी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जाए। मांझी ने सुशील मोदी के आरोपों को शत प्रतिशत सही करार देते हुए कहा कि मुझे तो प्रोटेम स्पीकर बनने से पहले और बाद भी तरह-तरह के आफर मिले थे। उन्होंने कहा कि हमारे लोगों के पास एनडीए सरकार गिराने के बदले मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री पद तक के प्रलोभन दिए गए। मांझी ने कहा कि लालू की इस तरह की राजनीति करने की आदत रही है, लेकिन उनके प्रलोभन में कोई फंसने वाला नहीं है।
राजद को पीठ में खंजर घोंपने की आदत


वहीं वीआईपी के अध्यक्ष और बिहार सरकार में पशुपालन व मत्स्य विभाग के मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि उनके पास भी लालू यादव के फोन आए थे और मुझे जो जवाब देना था, दे दिया। सहनी ने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया, लेकिन यह जरूर कहा कि समय आने पर बताएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लालू की पार्टी को पीठ में खंजर घोंपने की आदत है और ये काम मेरे साथ हाल में ही किया गया था।
बताते चलें कि चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू यादव के कथित फोन कॉल्स को लेकर सबसे पहले पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने एक ट्वीट कर आरोप लगाया था कि लालू ने भाजपा विधायक ललन पासवान को कॉल कर बिहार विधानसभा स्पीकर के चुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी को मदद करने के लिए कहा था। अपने आरोपों के पक्ष में सुशील मोदी ने एक आडियो टेप भी अपने ट्विटर हैंडल से जारी किया था। हालांकि उक्त आडियो टेप को ट्विटर ने हाईलाइट कर दिया है। जिसे अब देखा और सुना नहीं जा सकता है।

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