अनंत सिंह की ललन सिंह से मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल, नीतीश से मिलने के बाद अब केंद्रीय मंत्री के आवास पहुंचे
- मोकामा विधायक ने की ललन सिंह से भेंट, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को बताया जा रहा शिष्टाचार मुलाकात
- 20 अगस्त को नीतीश कुमार से भी मिले थे अनंत सिंह, हालिया बयानों के बाद लगातार मुलाकातों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा
पटना। मोकामा विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित जनता दल यूनाइटेड के विधायक अनंत सिंह ने रविवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात की। अनंत सिंह केंद्रीय मंत्री के आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। फिलहाल इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और अनंत सिंह के हालिया बयानों को देखते हुए इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। अनंत सिंह की केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे कुछ दिन पहले ही वह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले थे। 20 अगस्त को हुई उस मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिनमें नीतीश कुमार स्वयं अपने आवास के बाहर तक अनंत सिंह को छोड़ने आते दिखाई दिए थे। दोनों नेताओं के बीच हुई उस मुलाकात को भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया था। अब नीतीश कुमार से मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद ललन सिंह से अनंत सिंह की भेंट ने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से यह नहीं बताया गया है कि दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। ऐसे में इसे फिलहाल सामान्य और शिष्टाचार के तहत हुई मुलाकात ही बताया जा रहा है। अनंत सिंह और नीतीश कुमार के बीच संबंध काफी पुराने रहे हैं। अनंत सिंह को नीतीश कुमार के पुराने राजनीतिक सहयोगियों में गिना जाता है। दोनों नेताओं की नजदीकियां उस दौर से बताई जाती हैं, जब नीतीश कुमार बाढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। इसके बाद बिहार की राजनीति में अनंत सिंह ने मोकामा क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। अनंत सिंह वर्ष 2005 में पहली बार जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर मोकामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद से वह लगातार बिहार की राजनीति में सक्रिय रहे और मोकामा क्षेत्र में उनका राजनीतिक प्रभाव बना रहा। राजनीतिक जीवन के दौरान उनके विभिन्न दलों और नेताओं के साथ संबंध चर्चा का विषय रहे हैं, लेकिन जनता दल यूनाइटेड और नीतीश कुमार के साथ उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब हाल के दिनों में अनंत सिंह के कई राजनीतिक बयान सुर्खियों में रहे हैं। विशेष रूप से बांकीपुर विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार के बाद दिया गया उनका बयान काफी चर्चा में आया था। अनंत सिंह ने कहा था कि बिहार के लोगों के बीच यह संदेश गया है कि नीतीश कुमार को जबरदस्ती मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना गया था और इसे लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं हुई थीं। अनंत सिंह के बयान ने उस समय बिहार की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए थे। इसके अलावा उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भी चिंता जताई थी। उनके इस बयान को लेकर तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों में सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था। हालांकि, अनंत सिंह की ओर से लगातार अलग-अलग प्रमुख नेताओं से मुलाकात को लेकर किसी विशेष राजनीतिक रणनीति का खुलासा नहीं किया गया है। नीतीश कुमार और ललन सिंह दोनों के साथ उनके पुराने व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं। ऐसे में उनके समर्थक इन मुलाकातों को सामान्य राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों का हिस्सा भी बता रहे हैं। दूसरी ओर, राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अनंत सिंह की हालिया गतिविधियों पर बनी हुई है। पहले नीतीश कुमार से मुलाकात और उसके बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के आवास पहुंचने को राजनीतिक घटनाक्रम के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। बिहार में राजनीतिक समीकरणों और नेताओं की सक्रिय बैठकों के बीच ऐसी मुलाकातें अक्सर चर्चा का विषय बन जाती हैं। फिलहाल, अनंत सिंह और ललन सिंह की इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है। न ही यह जानकारी दी गई है कि दोनों नेताओं के बीच किसी विशेष राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा हुई। इसलिए अभी इस बैठक को शिष्टाचार मुलाकात के रूप में ही देखा जा रहा है। फिर भी, अनंत सिंह के हालिया बयानों और नीतीश कुमार के साथ उनकी मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से उनकी भेंट ने बिहार की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यदि इस मुलाकात से जुड़े किसी राजनीतिक घटनाक्रम या बयान सामने आते हैं, तो इस पर और स्पष्टता हो सकती है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा बनी हुई है कि मोकामा के प्रभावशाली विधायक की लगातार हो रही इन महत्वपूर्ण मुलाकातों के पीछे केवल शिष्टाचार है या भविष्य की राजनीति को लेकर कोई व्यापक संदेश भी छिपा हुआ है।


