September 16, 2026

PATNA : बेबुनियाद आरोप लगा कर मुझे किया जा रहा ब्लैकमेल, मेरा करियर बर्बादी के कगार पर

पटना। बीते दिनों राजधानी पटना के राजीव नगर थाना अंतर्गत एक मामला सामने आया था। केस नंबर 238/22 के दौरान पिंकी शर्मा द्वारा रामनगरी मोड़ निवासी आलोक कुमार पर रुपये लेकर नहीं देने व मांगने पर मारपीट का आरोप लगाया था। पिंकी शर्मा द्वारा लगाए गए आरोप का खंडन करते हुए आलोक कुमार बुधवार को सामने आए और प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा और इससे जुड़े कुछ सबूत भी पेश किए।
आलोक ने पिंकी शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज मेरी शादी तय थी, आज हम शादी की तैयारी करते लेकिन उस फ्रॉड महिला के लगाए गए आरोप के कारण मेरा जीवन, मेरा करियर बर्बादी के कगार पर है। मेरी शादी टूट चुकी है। उस औरत ने मुझ पर मौखिक रूप से तीन वर्ष तक यौन शोषण व ठगी का आरोप भी लगाया है लेकिन उसके द्वारा ही थाना में दर्ज कराए गए एफआईआर में कही भी इसकी पुष्टि नहीं की गई है। बेवजह मुझे टारगेट कर ब्लैकमेल करने के चक्कर मे ये सब स्वांग रचा जा रहा है। कहा कि मैंने भी राजीव नगर थाने में ही केस नंबर 239/22 के अंतर्गत केस दर्ज करवाया है और अपने आरोप को खारिज करते हुए सभी डॉक्यूमेंट भी पेश किया है।
पूरे घटनाक्रम पर आलोक कुमार बताते हैं, हमारी पहली बार चैट फेसबुक के जरिये हुई। उस दिन से लेकर आज तक लगभग एक साल 10 महीना हमलोग संपर्क में थे। संपर्क के दौरान पारिवारिक बातें होने लगी। कुछ दिनों बाद ही इसने अपने पति को ही जेल भेजने वाली बात बताई और किसी युवक से अपने संबंध को स्वीकारी थी। इसने अपने पति को भी चुटिया थाना रांची झारखंड में केस नंबर 225/20 में पाक्सो एक्ट के अंतर्गत जेल भिजवा चुकी है। आलोक ने कहा कि कुछ दिनों इसने अपने आप को मजबूर व आर्थिक रूप से कमजोर होने की बात कर मुझसे पैसे मांगती रही। पैसों की आदान प्रदान के बाद ये जहां से भी पैसे मंगवाती थी, मेरे अकाउंट में भेजती थी और मुझसे कैश लिया करती थी। इस कारण इसने अपना एटीएम कार्ड बंद होने और रांची जाने पर ही नया कार्ड बनाने की बात बताई। सब कुछ नार्मल था, लेकिन जब से इसे मेरी शादी की बात पता चली है इसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। मुझसे पैसों की डिमांड करने लगी और मेरे घर आकर तमाशा करने लगी। मेरे मां के साथ मारपीट भी किया, जिसका एफआईआर भी राजीव नगर थाने में मैने दर्ज करवा रखा है। आलोक कुमार ने आगे कहा कि मेरे ऊपर विरुद्ध लगाए गए लिखित एफआईआर में और मौखिक रूप से लगाये गए आरोप में बहुत अंतर है। लिखित एफआईआर में सिर्फ मारपीट व रुपये नहीं देने का आरोप है लेकिन मौखिक रूप से मुझ पर यौन शोषण का आरोप लगाया जा रहा है।

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