महर्षि दयानंद सरस्वती ने महिलाओं को दिया शिक्षा का अधिकार : राज्यपाल
- आर्य कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में यज्ञशाला-शिलान्यास, नवनिर्मित स्वागत कक्ष तथा आवास-भवन का उद्घाटन
पटना। आर्य कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, नया टोला में सोमवार को सिक्किम के महामहिम राज्यपाल गंगा प्रसाद ने विद्यालय परिसर में यज्ञशाला-शिलान्यास, नवनिर्मित स्वागत कक्ष तथा कर्मचारियों के आवास-भवन का उद्घाटन मन्त्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्जवलन कर किया।
अपने उद्घाटन भाषण में राज्यपाल ने कहा कि आर्य समाज के संस्थापक युग प्रवर्त्तक महर्षि दयानंद सरस्वती ने मानव जाति के उद्धार हेतु कई महत्वपूर्ण व कल्याणकारी कार्य किये। समाज पाखंड मुक्त हो, वेदों का घर-घर प्रचार हो, वेदानुसार वैदिक संस्कारों का प्रचलन हो तथा यज्ञ-कर्मकांड का विधिवत सुधार हो, देश और वैदिक धर्म का उत्थान हो इत्यादि महत्वपूर्ण कार्य महर्षि ने किये। इन सब कार्यों को करते हुए सर्वप्रथम महिलाओं की दयनीय दशा के सुधार के साथ उन्हें शिक्षा का अधिकार दिया। परिणाम यह हुआ कि आज देश-विदेश में भारत की नारियां शिक्षित और विदुषी बनकर बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियों को संभाल रही हैं। वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बिहार राज्य प्रतिनिधि सभा के मंत्री प्रो. (डॉ.) व्यास नंदन शास्त्री वैदिक ने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा और संस्कृति के उत्थान के लिए महर्षि दयानन्द के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के अध्यक्ष संजीव कुमार यादव ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि कन्या जब तक शिक्षित नहीं होगी, तब तक देश आगे नहीं बढ़ सकता। सभा के कोषाध्यक्ष सत्येदव प्रसाद गुप्त ने कन्या विद्यालय की गतिविधि को प्रगतिशील दिशा प्रदान करने में तथा महत्वपूर्ण कार्यों को करने हेतु विद्यालय के पदाधिकारियों को विशेष धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम में बाहर के आर्य प्रतिनिधियों में विद्यालय के सचिव मनोज कुमार आर्य, संज कुमार भागलपुरी, देवेंद्र कुमार शास्त्री, पं. विनोद कुमार शास्त्री, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका शांति कुमारी, सत्यदेव प्रसाद गुप्त आदि प्रमुख रहे। कार्यक्रम के पूर्व कन्या विद्यालय की कन्याओं व शिक्षिकाओं ने हवन-यज्ञ किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रतिनिधि राजीव कुमार ‘राज’ ने तथा धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती शान्ति कुमारी ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय की सभी शिक्षिकायें, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित थे।

