बिहार में खत्म हुआ नाइट कर्फ्यू; खुले स्कूल-कॉलेज, जानिए सरकार की नई गाइडलाइन
पटना। बिहार में कोरोना तीसरी लहर से राहत मिलने के बाद बिहार में सरकार ने पाबंदियों में छूट का फैसला किया है। पटना में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। सरकार ने अब पाबंदियों में छूट के साथ-साथ लोगों को एहतियात बरतने के लिए कहा है। वही राज्य में अब तो ना नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा और ना ही बाजार पर कोई पाबंदी रहेगी। इसकी जानकारी सीएम नीतीश से खुद ट्विट कर बिहार के लोगों को दी है। हालाकि सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए अभी भी लोगों को मास्क का इस्तेमाल करने और सामाजिक दूरी का पालन करने की सलाह दी है।

जानिए बिहार में क्या खुला और क्या बंद, किन-किन नियमों का करना होगा पालन
कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार को देखते हुए सरकार ने 8वीं क्लास तक के सभी स्कूलों 50 प्रतिशत क्षमता के साथ तथा 9वीं और ऊपर की कक्षाओं से संबंधित सभी स्कूल कॉलेज और कोचिंग संस्थान शत-प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेगें।
सभी सरकारी ऑफिस भी हर दिन सामान्य रूप से खुलेंगे। हालांकि जिन्होंने वैक्सीनेशन कराया हुआ है उन्हें ही ऑफिस आने की इजाजत होगी।
सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, शॉपिंग मॉल के साथ-साथ धार्मिक स्थलों को भी सामान्य रूप से खोलने की मंजूरी दी है।
सभी पार्क और उद्यान सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुलेंगे। सिनेमा हॉल, क्लब, जिम, स्टेडियम, स्वीमिंग पूल, रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानें (आगंतुकों के साथ) 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगी।
जिला प्रशासन की पूर्वानुमति से सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन अपेक्षित सावधानियों के साथ आयोजित किए जा सकेंगे। विवाह समारोह, अंतिम संस्कार/श्राद्ध कार्यक्रम अधिकतम 200 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ आयोजित किये जा सकेंगे।
हालांकि अभी भी शादी विवाह, अंतिम संस्कार जैसे समारोह में आने वाले लोगों के ऊपर लिमिट लगा कर रखी गई है, यह बात अलग है कि अब शादी विवाह अंतिम संस्कार जैसे मौकों पर 200 लोग अधिकतम शामिल हो पाएंगे। बिहार में धार्मिक स्थलों को फिलहाल बंद रखा गया था लेकिन अब सरकार की तरफ से लगाई गई पाबंदियों में छूट के बाद श्रद्धालु भगवान की पूजा भी कर पाएंगे। अब तक के धार्मिक स्थलों में केवल पुजारियों और दूसरे धर्म गुरुओं को पूजा की इजाजत थी।

