बिहार के लोगों को जल्द मिलेगी दरभंगा एम्स की सौगात, 4 सालों में निर्माण का रखा गया है लक्ष्य
दरभंगा, बिहार। लंबे समय से दरभंगा एम्स के निर्माण कार्य की प्रक्रिया अब शुरू होने वाली है। जिसकी कवायद तेज हो चुकी है। बीते दिनों ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में दरभंगा एम्स निर्माण के लिए 200 एकड़ जमीन केंद्र को सौंप दी गई है। दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर मंत्री संजय कुमार झा ने कई महत्वपूर्ण बातें कही है। उन्होंने कहा है कि 750 बेड वाले इस अस्पताल को 48 महीने के अंदर बना लिया जाएगा। 1264 करोड़ रुपए के लागत से इस अस्पताल में बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें जबकि एमबीबीएस के 100 सीटें निर्धारित होगी।

जानिए क्या होगी दरभंगा एम्स की खासियत
मंत्री संजय झा ने कहा कि 15 से 20 सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट इस अस्पताल के अंदर होंगे। पीएम स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत हम बिहार को दूसरे एम्स देने जा रहे हैं। 200 एकड़ के एरिया में बन रहे दरभंगा एम्स में विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी। उत्तर बिहार के लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए पटना और दिल्ली नहीं जाना होगा। देश का 22 वां और बिहार के दुसरे ऐम्स बनने जा रहे इस अस्पताल में रोजाना ढाई हजार ओपीडी मरीज जबकि हर महीने 1 हजार आईपीडी मरीजों का इलाज होगा। जिससे प्रत्यक्ष रुप से 4000 से भी ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया होगा।
साल 2015 में पीएम ने की थी घोषणा, अब 4 साल में निर्माण का रखा गया है लक्ष्य
दरभंगा में एम्स के निर्माण से मिथिला के साथ उत्तर बिहार का कायाकल्प होगा। अब लोग बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं बिहार में ही रह कर ले पाएंगे। दरभंगा एयरपोर्ट बनने के बाद एम्स के निर्माण होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी वहीं रोजगार की अपार संभावनाएं खुलने वाली है। बता दें कि साल 2015 में ही पीएम मोदी ने घोषणा की थी इसे 4 साल में बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन 6 साल बीत जाने के बाद अब भूमि सौंपी गई है। अब उसे चार साल के भीतर बनाया जाएगा।

