February 14, 2026

BJP ने शराबबंदी कानून को बताया फेल, तो तेजस्वी ने CM नीतीश पर साधा निशाना

पटना। हाल के दिनों में बिहार के चार जिलों में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने भी नीतीश सरकार के शराबबंदी पर सवाल खड़ा किया है। डॉ. जायसवाल ने शराबबंदी कानून को फेल बताया है, साथ ही बिहार पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के कई इलाकों में शराब की बिक्री हो रही है। स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के कारण शराब पीने-पिलाने का दौर जारी है। डॉ. जायसवाल ने कहा कि शराबबंदी को पुन: देखने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से शराबबंदी की समीक्षा करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सीएम नीतीश पर हमला बोला है। कहा है कि शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप है।
शराब से मौत पर जताई चिंता
विदेश दौरे से लौटने के बाद भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल शनिवार की शाम पार्टी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सवालों के जवाब में मुजफ्फरपुर, बेतिया, गोपालगंज और समस्तीपुर जिले में हुई मौतों को लेकर चिंता जताई। जायसवाल ने स्वयं के संसदीय क्षेत्र मोतिहारी में शराब की बिक्री का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के सहयोग से सभी जगह शराब बिक रही है। बिहार में शराबबंदी लागू किए पांच साल पूरे हो चुके हैं। इसकी सफलता और असफलता पर विचार करना आवश्यक है।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि जिन इलाकों में पुलिस और शराब माफिया गठजोड़ बनाकर चल रहे हैं, वहां इस तरह की घटनाएं कम हैं। उन क्षेत्रों में लोगों तो शराब मिल जा रही है। लेकिन, जहां पुलिस अमला ज्यादा है, वहां जहरीली शराब से मौत की खबर मिल रही है। उन्होंने बिहार पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए और पुलिसकर्मियों को शराब माफिया का सहयोगी बताया। डॉ. जायसवाल ने सरकार से मांग की है कि शराबबंदी कानून को लेकर विस्तृत समीक्षा करने की जरूरत है।
बिहार में संस्थागत हत्या हुई
इधर राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट कर लिखा कि विगत 3 दिनों में शराब माफिया संग मिल बिहार सरकार द्वारा आपूर्ति की गयी जहरीली शराब से बिहार में 50 से अधिक लोगों की संस्थागत हत्या हुई है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप है क्योंकि मिलीभगत जो है।

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