September 17, 2026

exclusive- इन सीटों के लिए नाराज हैं चिराग पासवान,देखिए पूरी सूची प्रत्याशियों के नाम के साथ…..

पटना।विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए नामांकन की अधिसूचना जारी होने के बावजूद राजग में भाजपा-जदयू तथा लोजपा के बीच सीटों का तालमेल नहीं हो सका है।कल भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव ने बयान दिया था कि लोजपा अभी तक साथ में है।मगर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का अब तक कोई बयान ना आना कई सारे प्रश्नों को जन्म दे रहा है।विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक़ भाजपा के द्वारा जो लोजपा को सीटों की सूची दी गई है।लोजपा उससे बिल्कुल संतुष्ट नहीं है।प्राप्त जानकारी के अनुसार लोजपा बिहार विधानसभा चुनाव में अपने पार्टी के प्रमुख नेताओं के लिए तरारी,बरबीघा,शेखपुरा, बक्सर,ब्रह्मपुर,हायाघाट,खजौली लालगंज तथा सुरसंड जैसी सीटें चाहती है।मगर इसके उलट भाजपा के द्वारा लोजपा को मधेपुरा, किशनगंज,जमुई आदि जिलों की सीटें दी जा रही हैं।जिसे लोजपा लेना नहीं चाहती है।पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान तरारी से पूर्व विधायक सुनील पांडेय,बरबीघा से पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के पसंदीदा उम्मीदवार,शेखपुरा से पार्टी के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली, बक्सर से पार्टी के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह,ब्रह्मपुर से पूर्व विधान पार्षद तथा पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्य हुलास पांडेय,हायाघाट से प्रधान महासचिव शाहनवाज कैफी, खजौली से पूर्व विधान पार्षद विनोद कुमार सिंह,लालगंज से निवर्तमान विधायक राजकुमार साह तथा सुरसंड से माधव चौधरी को बतौर पार्टी उम्मीदवार खड़ा करना चाहते हैं।मगर भाजपा-जदयू के तरफ से लोजपा को अपने पसंद की सीटें नहीं मिल रही है।पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का मानना है कि यह सभी संभावित प्रत्याशी विगत 5 वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित तथा सक्रिय रहे हैं।पार्टी को मजबूती प्रदान करने वाले तथा सदस्यता अभियान को मुकाम तक पहुंचाने वाले इन प्रत्याशियों के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान वादाखिलाफी नहीं करना चाहते हैं। कल चिराग पासवान ने कहा भी था कि पार्टी मां होती है,अपनी पार्टी को खत्म नहीं होने देंगे।उनके कहने का तात्पर्य यही था कि जब पार्टी के मजबूत सिपहसालारों को टिकट नहीं मिलेगा।तो ऐसे में पार्टी के प्रति समर्पित नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के नजरियों में बदलाव आएगा।चिराग पासवान अपनी पार्टी को मजबूत बनाना चाहते हैं।इसलिए लंबे समय से अपना साथ देने वाले उपरोक्त उम्मीदवारों को उनके सीटों पर खड़ा करने के लिए वह वचनबद्ध हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार इसी कारण से अब तक चिराग पासवान अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। इधर प्राप्त जानकारी के अनुसार आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बैठक होने के उपरांत भाजपा-जदयू सीटों के बंटवारे के मसले पर लोजपा को साफ-साफ निर्णय निर्णय सुनाने जा रही है।इधर लोजपा के अंदर भी कई सीटों के एक से अधिक दावेदार हैं।लालगंज विधानसभा क्षेत्र में लोजपा के 25 हजार सदस्यता अभियान के चुनौती को पार करने वाले आधा दर्जन से अधिक उम्मीदवार है।फिलहाल वहां राजकुमार साह लोजपा के निवर्तमान विधायक हैं।मगर वहां लोजपा के प्रवक्ता संजय सिंह तथा इंजीनियर रविंद्र जैसे मजबूत उम्मीदवार उनकी टिकट के लिए खतरा बने हुए हैं।उसी तरह हायाघाट में पार्टी के प्रधान महासचिव शाहनवाज कैफी के दावेदारी के बावजूद पासवान परिवार के करीब माने जाने वाले आर के चौधरी की भी दावेदारी पार्टी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।

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