उपेंद्र कुशवाहा-मुकेश साहनी को खोजना पड़ेगा नया ठिकाना! महागठबंधन में सीटों को लेकर राजद कांग्रेस के बीच जिच कायम

पटना।आसन्न विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रदेश में महागठबंधन के अंदर राजद तथा कांग्रेस के बीच सीटों पर तालमेल का मसला उलझता ही जा रहा है।कई ऐसी सीटें है जहां राजद तथा कांग्रेस दोनों के पास ही मजबूत प्रत्याशी है।कांग्रेस ने इस बार लगभग 80 सीटों पर लड़ने की प्लानिंग कर रखी है।पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि कम से कम 70 सीटों से नीचे चुनाव लड़ने की गुंजाइश नहीं है।ऐसे में राजद के लिए परेशानी यह है कि कांग्रेस के साथ वाम दलों को भी समायोजित करना है।फिलहाल राजद तथा कांग्रेस के बीच सीटों पर तालमेल के लिए बातचीत की प्रक्रिया आरंभ हो गई है।दोनों दल के वरिष्ठ नेता सीटों को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं।ऐसे में महागठबंधन के दूसरे घटक दल रालोसपा तथा वीआईपी पार्टी परेशान हो गयी है। मसलन राजद तथा कांग्रेस के बीच आपस में सीटों को लेकर खींचतान जारी है।रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा तथा वीआईपी पार्टी के मुकेश सहनी दोनों को महागठबंधन में कोई खास तवज्जो नहीं मिल रहा है।महागठबंधन में राजद व कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण रह गई है।महागठबंधन में अपने कथित उपेक्षा से परेशान उपेंद्र कुशवाहा तथा मुकेश साहनी आपस में बैठक भी कर चुके हैं।उपेंद्र कुशवाहा ने तो कल अपने पार्टी की आपात बैठक बुलाई है।।जिसमें उम्मीद जताया जा रहा है कि वह महागठबंधन को लेकर बड़े कदम उठा सकते हैं।वही वीआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश साहनी को अभी तक राजद के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से प्राप्त आश्वासन को लेकर उम्मीद कायम है।महागठबंधन के राजनीतिक सूत्रों के अनुसार बिहार के सभी 243 सीटों को लेकर राज्य तथा कांग्रेस के बीच सिर फुटौवल का क्रम जारी है। ऐसे में दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा तथा मुकेश सहनी से सीटों को लेकर कोई बात नहीं कर पा रहे है। हालांकि महागठबंधन की ओर से राजद या कांग्रेस ने अभी तक आधिकारिक रूप से उपेंद्र कुशवाहा तथा मुकेश सहनी को कुछ कहा नहीं है।लेकिन अंदर खाने से खबर आ रही है कि सीटों के तालमेल के दौरान राज्य तथा कांग्रेस के रुख से उपेंद्र कुशवाहा तथा मुकेश सहनी की बेचैनी काफी बढ़ गई है।

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