September 20, 2026

बैठक : नियोजित शिक्षकों को नीचे दिखाने की भूल न करे बिहार सरकार, वर्ना हम यह….

पटना। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक बुद्वा कॉलोनी, हाजीपुर में संघ के प्रमंडलीय सह संयोजक आलोक आजाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए आलोक आजाद ने माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक शिक्षकों के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना तथा शांतिपूर्ण ढंग से मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने वाले बिहार के 23910 मुख्य परीक्षक तथा सह परीक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को महीनों तक वेतन नहीं मिलता और मिलता भी है तो नियमित शिक्षकों के बराबर नहीं, साथ हीं जब नियोजित शिक्षक अपना हक मांगें तो निलंबन और एफआईआर किया जा रहा है एवं निकाल-बाहर करने की धमकी दी जा रही है। यह कौन सा सामाजिक न्याय है? उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वेतन और उनके बकाये का भुगतान नहीं करने के कारण इसका खामियाजा नियोजित शिक्षकों के परिवार तथा बच्चों के साथ समाज को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को झुकना पड़ेगा और जीत हम नियोजित शिक्षकों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की ही होगी। शिक्षकों को डेमोरलाइज करने की भूल सरकार न करे। शिक्षकों को अगर पढ़ाना आता है तो हम विद्रोह करना भी जानते हैं। शिक्षक विद्रोह सबसे खतरनाक विद्रोह होता है, जिसे पार पाना किसी सरकार के बूते नहीं। अगर सरकार यह सोच रही है कि शिक्षक आत्मसमर्पण कर देंगे तो यह उनकी भूल है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री आखिर बातचीत का प्रस्ताव क्यों नहीं करते। सिर्फ सदन में बात कहते हैं, ऐसा नहीं चलने वाला। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और संघ से वार्ता कर जल्द से जल्द शिक्षकों के हित में न्याय संगत कदम उठाते हुए हड़ताल खत्म कराना चाहिए।

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