November 3, 2026

ईओयू का शिकंजा: किशनगंज की डीपीओ रूबी कुमारी के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, आय से 80% अधिक संपत्ति का मामला

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग की अधिकारी रूबी कुमारी को जांच के घेरे में लिया है। किशनगंज में समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) रूबी कुमारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मंगलवार सुबह किशनगंज और कटिहार में एक साथ छापेमारी की गई। EOU की अलग-अलग टीमों ने उनके चार ठिकानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया।

 

विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त होने के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई में जांच एजेंसी ने किशनगंज स्थित उनके किराए के आवास और समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यालय में बने चेंबर को खंगाला। वहीं, कटिहार में भी उनसे जुड़े दो ठिकानों पर अधिकारियों की टीम ने दबिश दी। सभी स्थानों पर स्थानीय पुलिस बल की तैनाती के बीच दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

 

वैध आमदनी से 80 फीसदी अधिक संपत्ति का संदेह

 

EOU की प्रारंभिक जांच में रूबी कुमारी की ज्ञात और वैध आय के मुकाबले करीब 80 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की बात सामने आई है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। इसी कड़ी में विशेष न्यायालय से अनुमति लेकर एक साथ चार ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।

 

जमीन, बैंक खाते और निवेश के दस्तावेजों की पड़ताल

 

छापेमारी के दौरान EOU की टीमें संपत्ति से जुड़े हर संभावित साक्ष्य को जुटाने में लगी हैं। जमीन और मकान के कागजात, बैंक पासबुक, निवेश संबंधी दस्तावेज, नकदी तथा सोने-चांदी के आभूषणों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी खंगाला जा रहा है।

 

जांच एजेंसी का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि रूबी कुमारी के नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर कितनी संपत्ति अर्जित की गई है और उसका स्रोत क्या है। साथ ही, घोषित आय और कथित संपत्ति के बीच अंतर का वास्तविक आकलन भी किया जा रहा है।

 

फिलहाल चारों ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है। छापेमारी समाप्त होने और दस्तावेजों के मूल्यांकन के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी को कितनी संपत्ति और कौन-कौन से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं।

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