निशांत बनेंगे बिहार के सबसे अच्छे सीएम, अनंत सिंह का बड़ा दावा, मचा सियासी घमासान
- मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की जमकर तारीफ की, कहा- राज्य को बेहतर नेतृत्व दे सकते हैं
- छात्रों पर लाठीचार्ज का किया विरोध, उपेंद्र कुशवाहा के बयान और नीतीश-ललन से मुलाकात पर भी खुलकर बोले
पटना। बिहार की राजनीति में बुधवार को उस समय नई चर्चा शुरू हो गई, जब जनता दल यूनाइटेड के मोकामा विधायक अनंत सिंह ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया। अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार बिहार के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों और संभावनाओं को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। पटना से वारसलीगंज के लिए रवाना होने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अनंत सिंह ने कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखी। इसी दौरान उन्होंने निशांत कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें बिहार का नेतृत्व करने की क्षमता है और वह राज्य के लिए बेहतर मुख्यमंत्री साबित हो सकते हैं। अनंत सिंह के इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि निशांत कुमार के मुख्यमंत्री बनने को लेकर पार्टी या सरकार की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद अनंत सिंह के बयान ने राजनीतिक चर्चा को जरूर नया विषय दे दिया है। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद और भविष्य के नेतृत्व को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में सत्तारूढ़ दल के एक चर्चित विधायक द्वारा निशांत कुमार को सबसे अच्छा मुख्यमंत्री बताना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। अनंत सिंह ने बातचीत के दौरान हाल के दिनों में छात्रों के आंदोलनों के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग सरकार स्वीकार करती है या नहीं, यह एक अलग विषय हो सकता है, लेकिन छात्रों के साथ पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विरोध या आंदोलन की स्थिति में कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन छात्रों पर इस तरह की कार्रवाई को रोका जाना चाहिए। पटना में पिछले दिनों विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्रों के आंदोलन और प्रदर्शन हुए हैं। कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। अनंत सिंह ने इन घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि छात्रों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना अलग बात है और ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा द्वारा पिछले दिनों निशांत कुमार और अपने बेटे दीपक प्रकाश को लेकर दिए गए बयानों पर भी अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि हर किसी की इच्छा के अनुसार सब कुछ संभव नहीं होता। राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि केवल किसी पद की इच्छा रखने से वह पद नहीं मिल जाता। इसी क्रम में अनंत सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रधानमंत्री बनने की इच्छा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मुझे प्रधानमंत्री बनने का मन है… कौन बनाएगा?” उनके इस बयान को पत्रकारों और राजनीतिक हलकों में हल्के-फुल्के लेकिन चर्चित राजनीतिक बयान के रूप में देखा जा रहा है। अनंत सिंह अपने बेबाक बयानों के लिए पहले भी बिहार की राजनीति में सुर्खियों में रहते आए हैं। विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से हाल में हुई अपनी मुलाकात को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं से उनकी मुलाकात केवल शिष्टाचार के तौर पर हुई थी और इसके पीछे किसी विशेष राजनीतिक गतिविधि या नए समीकरण की बात नहीं थी। अनंत सिंह के इस स्पष्टीकरण के बाद हाल की मुलाकातों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगाने की कोशिश की गई। अनंत सिंह के ताजा बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में नेतृत्व, सत्ता और भविष्य की संभावनाओं को लेकर चर्चा छेड़ दी है। खासतौर पर निशांत कुमार को मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त बताने वाले बयान को लेकर राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाओं पर अब नजर रहेगी। फिलहाल यह स्पष्ट है कि अनंत सिंह का यह बयान व्यक्तिगत राजनीतिक राय के रूप में सामने आया है। सरकार या जनता दल यूनाइटेड की ओर से मुख्यमंत्री पद या भविष्य के नेतृत्व को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आने वाले दिनों में इस बयान पर अन्य राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया बिहार की सियासत में इस चर्चा को और तेज कर सकती है।


