पटना में इंस्टाग्राम पर मोटे मुनाफे का झांसा, युवती से 92 हजार की साइबर ठगी
- ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर पहले दिखाए फर्जी मुनाफे, फिर अलग-अलग खातों में कराए पैसे जमा
- रकम वापस मांगने पर ठगों ने किया संपर्क बंद, पटना साइबर थाना ने दर्ज की प्राथमिकी
पटना। राजधानी पटना में ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देकर एक युवती से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पैसे को दोगुना और तिगुना करने का प्रलोभन देकर युवती से कुल 92 हजार 285 रुपये विभिन्न माध्यमों से जमा करा लिए। शुरुआत में कम राशि निवेश कराने के बाद ठगों ने लगातार अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे युवती से बड़ी रकम अपने खातों में स्थानांतरित करा ली। जब पीड़िता ने अपनी राशि वापस मांगी तो कथित ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। पीड़िता की शिकायत पर पटना साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, भुगतान से जुड़े विवरण, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र की मूल निवासी आकांक्षा राज को सामाजिक माध्यम इंस्टाग्राम पर शेयर बाजार और ऑनलाइन निवेश से संबंधित एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। विज्ञापन और उसमें दिए गए प्रस्ताव से प्रभावित होने के बाद युवती ने निवेश के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। इसके बाद अज्ञात साइबर जालसाजों ने मोबाइल संदेश सेवा व्हाट्सएप के माध्यम से युवती से संपर्क किया। आरोप है कि संपर्क करने वाले लोगों ने अपना नाम साक्षी शर्मा और सुशांत बताया। उन्होंने युवती को घर बैठे शेयर बाजार और ऑनलाइन निवेश के माध्यम से अच्छा मुनाफा कमाने की बात कही। जालसाजों ने युवती का विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में कई तरह के कथित प्रमाण भी दिखाए। पीड़िता को फर्जी भुगतान पर्चियां, मुनाफे से जुड़े चित्र और शेयर बाजार में बढ़त दिखाने वाले नकली आंकड़े भेजे गए। इन माध्यमों से यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि निवेश की गई राशि पर लगातार अच्छा लाभ मिल रहा है। बताया जाता है कि जालसाजों के झांसे में आने के बाद युवती ने शुरुआत में केवल 750 रुपये का निवेश किया। इसके बाद कथित ठगों ने अधिक लाभ मिलने की बात कहकर निवेश की राशि बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे युवती को यह भरोसा दिलाया गया कि अधिक राशि लगाने पर मुनाफा भी कई गुना बढ़ जाएगा। आरोप है कि इसी रणनीति के तहत जालसाजों ने युवती पर बार-बार अधिक राशि निवेश करने का दबाव बनाया। युवती ने अलग-अलग चरणों में रकम जमा कराई और देखते ही देखते कुल 92 हजार 285 रुपये विभिन्न बैंक खातों और भुगतान माध्यमों के जरिए स्थानांतरित कर दिए। कुछ समय बीतने के बाद जब युवती को कथित निवेश से कोई वास्तविक लाभ नहीं मिला तो उसे संदेह होने लगा। इसके बाद उसने जालसाजों से अपनी मूल राशि वापस करने की मांग की। आरोप है कि राशि लौटाने की बात आते ही कथित ठग टालमटोल करने लगे। शुरुआत में विभिन्न बहाने बनाकर युवती को इंतजार करने के लिए कहा गया। बाद में जब उसने लगातार अपनी राशि वापस मांगनी शुरू की तो जालसाजों ने उसका संपर्क नंबर अवरुद्ध कर दिया। इसके साथ ही व्हाट्सएप समेत अन्य माध्यमों से भी संपर्क समाप्त कर लिया गया। तब पीड़िता को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है। इसके बाद उसने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। बाद में पीड़िता पटना साइबर थाना पहुंची और लिखित आवेदन देकर मामले में कार्रवाई तथा ठगी की राशि वापस दिलाने की मांग की। पटना साइबर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें युवती से राशि स्थानांतरित कराई गई थी। इसके अलावा भुगतान पहचान संख्या से जुड़े लेन-देन के विवरण, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। साइबर पुलिस का मानना है कि ऑनलाइन निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह लोगों को पहले छोटे निवेश के जरिए भरोसे में लेते हैं। इसके बाद फर्जी लाभ और नकली आंकड़े दिखाकर बड़ी रकम निवेश कराने का दबाव बनाया जाता है। इस मामले में भी पुलिस तकनीकी जांच के जरिए उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने युवती से संपर्क किया था। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर संबंधित गिरोह के सदस्यों की पहचान कर उनके खिलाफ गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर ऑनलाइन निवेश और कम समय में अधिक मुनाफे के दावों से सावधान रहने की जरूरत को रेखांकित करती है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और पीड़िता से ठगी गई राशि के लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


