टीआरई-4 में बढ़ीं शिक्षक नियुक्ति की रिक्तियां, अब 33,274 पदों पर होगी बहाली
- पहले भेजी गई 32,388 पदों की अधियाचना में जोड़े गए 886 नए पद, अभ्यर्थियों की मांग के बाद शिक्षा विभाग का फैसला
- शिक्षा मंत्री बोले- रिक्तियों का आकलन विभाग करेगा, परीक्षा और चयन की प्रक्रिया बिहार लोक सेवा आयोग के जिम्मे
पटना। बिहार में शिक्षक नियुक्ति की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ी राहत की घोषणा की है। शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के चौथे चरण, यानी टीआरई-4 में रिक्त पदों की संख्या बढ़ा दी गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि विभागीय समीक्षा और अभ्यर्थियों की लगातार मांग के बाद शिक्षक नियुक्ति के लिए कुल 33 हजार 274 पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी गई है। पहले शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के चौथे चरण के प्रथम विज्ञापन के लिए 32 हजार 388 पदों की अधियाचना भेजी गई थी। हालांकि, अभ्यर्थियों की ओर से रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने की लगातार मांग की जा रही थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने उपलब्ध रिक्तियों की दोबारा समीक्षा की और 886 अतिरिक्त पदों को शामिल करने का निर्णय लिया। नई रिक्तियों को जोड़ने के बाद अब टीआरई-4 के लिए कुल पदों की संख्या बढ़कर 33 हजार 274 हो गई है। इस फैसले से शिक्षक बनने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के बीच नई उम्मीद जगी है। खासकर उन उम्मीदवारों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो लंबे समय से अधिक रिक्तियों के साथ नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे थे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षक बहाली की पूरी प्रक्रिया में शिक्षा विभाग और बिहार लोक सेवा आयोग की अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। मंत्री के अनुसार, सबसे पहले शिक्षा विभाग राज्य में शिक्षकों के रिक्त पदों का आकलन करता है। विभागीय स्तर पर उपलब्ध रिक्तियों का विवरण तैयार करने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जाती है। इसके बाद नियुक्ति परीक्षा आयोजित करने, परीक्षा प्रक्रिया संचालित करने और अभ्यर्थियों के चयन की जिम्मेदारी आयोग की होती है। इस प्रकार शिक्षक बहाली में रिक्त पदों की संख्या तय करने और उसका विवरण तैयार करने का काम शिक्षा विभाग के स्तर पर किया जाता है, जबकि परीक्षा आयोजित करने और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी बिहार लोक सेवा आयोग संभालता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से शिक्षक नियुक्ति परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच पदों की संख्या को लेकर असमंजस बना हुआ था। कुछ वर्गों की ओर से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए जा रहे थे। मंत्री के अनुसार, विभाग ने अभ्यर्थियों की मांग और वास्तविक रिक्तियों की समीक्षा के बाद संशोधित अधियाचना भेजने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से इस निर्णय को युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है। 886 अतिरिक्त पद जुड़ने से नियुक्ति के अवसरों में बढ़ोतरी होगी और अधिक अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का मौका मिल सकेगा। टीआरई-4 को लेकर अभ्यर्थियों की नजर अब बिहार लोक सेवा आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी है। संशोधित अधियाचना मिलने के बाद आयोग भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। अब उम्मीदवारों को शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के विज्ञापन, परीक्षा कार्यक्रम और संशोधित रिक्तियों के अनुसार आगे की प्रक्रिया की घोषणा का इंतजार रहेगा। शिक्षक नियुक्ति परीक्षा बिहार में युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा माध्यम रही है। पिछले चरणों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। ऐसे में चौथे चरण में पदों की संख्या बढ़ाए जाने को अभ्यर्थी सकारात्मक फैसले के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, अभ्यर्थियों की उम्मीदें अब केवल पदों की संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं हैं। उनकी नजर इस बात पर भी रहेगी कि बिहार लोक सेवा आयोग संशोधित रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को कितनी जल्दी शुरू करता है और परीक्षा का कार्यक्रम कब जारी किया जाता है। शिक्षा विभाग की ओर से 33 हजार 274 पदों की अधियाचना भेजे जाने के बाद अब टीआरई-4 की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर तस्वीर पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो गई है। पहले जहां कुल 32 हजार 388 पदों पर बहाली की तैयारी थी, वहीं अब 886 अतिरिक्त पदों के जुड़ने से रिक्तियों की संख्या बढ़ गई है। टीआरई-4 में पदों की संख्या बढ़ाने का फैसला शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने रिक्तियों की समीक्षा के बाद कुल 33 हजार 274 पदों पर नियुक्ति की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेज दी है। अब सबकी निगाहें आयोग की अगली घोषणा पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक नियुक्ति परीक्षा का विज्ञापन और आगे की चयन प्रक्रिया कब शुरू की जाएगी।


