August 25, 2026

बिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज, 11 जिलों में तेज बारिश और वज्रपात का अलर्ट

  • पटना में रात को झमाझम बारिश, खगड़िया में मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित
  • 25 से 27 अगस्त तक सक्रिय रहेगा मौसम, उत्तर बिहार में भी तेज बारिश की संभावना

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के बावजूद कुछ जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है। राजधानी पटना में सोमवार रात तेज बारिश हुई, जबकि खगड़िया में दिन के समय मूसलाधार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 से 27 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
25 अगस्त को मौसम का तेवर रहेगा बदला-बदला
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को बिहार के कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। लखीसराय, मधुबनी, भागलपुर, किशनगंज, पूर्णिया, बेगूसराय, वैशाली, जहानाबाद, सिवान, दरभंगा और बक्सर में तेज बारिश के साथ खराब मौसम की विशेष चेतावनी दी गई है। इन जिलों में बारिश के दौरान बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। हालांकि मौसम का प्रभाव केवल इन जिलों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य के अन्य हिस्सों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
पटना में रात की बारिश, खगड़िया में दिन में बदला मौसम
राजधानी पटना में सोमवार रात मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। लंबे समय से उमस और गर्मी का सामना कर रहे लोगों को बारिश से राहत मिली। हालांकि शहर के निचले इलाकों में बारिश के कारण जलजमाव की समस्या भी सामने आ सकती है। वहीं खगड़िया में दिन के दौरान मूसलाधार बारिश हुई। तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। लगातार बारिश होने पर ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलनिकासी की समस्या बढ़ने की आशंका है।
उत्तर बिहार में भी बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में उत्तर और उत्तर-पश्चिम बिहार को भी संवेदनशील बताया गया है। गोपालगंज और चंपारण क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है। इन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है और रुक-रुककर बारिश भी हो रही है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने की स्थिति में कम समय में तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम के अचानक बदलने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
इस बार मौसम की चुनौती केवल बारिश तक सीमित नहीं है। कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने से पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। आकाशीय बिजली से बचने के लिए लोगों को खुले मैदान, खेत और जलाशयों के आसपास जाने से बचना चाहिए। गरज-चमक शुरू होने पर पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित और पक्के स्थान पर शरण लेना अधिक सुरक्षित रहेगा। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कुछ इलाकों में राहत, कहीं परेशानी
बारिश का असर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग देखने को मिल सकता है। जिन क्षेत्रों में तेज बारिश होगी, वहां तापमान में गिरावट आने से गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर उत्तर बिहार के कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है। हालांकि लगातार बारिश होने पर दूसरी ओर जलजमाव, यातायात बाधित होने और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। किसानों के लिए बारिश कई जगह राहत लेकर आ सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।
27 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 25 से 27 अगस्त के बीच बिहार में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अलग-अलग जिलों में मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर बदल सकती है। कहीं हल्की बारिश होगी तो कहीं कम समय में तेज बारिश होने की संभावना रहेगी। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर वज्रपात की चेतावनी वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर निकलने से बचना चाहिए। फिलहाल बिहार में मानसून का यह बदला हुआ तेवर राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। बारिश से गर्मी से राहत मिल रही है, लेकिन तेज बारिश, जलजमाव और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है। आने वाले तीन दिनों में मौसम का रुख किस ओर जाता है, यह स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादलों और मानसूनी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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