पटना एयरपोर्ट पर फिर पक्षी टकराने की घटना, 164 यात्रियों को लेकर आ रही विमान सेवा सुरक्षित उतरी
- उतरने से पहले दाहिने इंजन के पास पक्षी टकराने की आशंका, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई सुरक्षित लैंडिंग
- जांच में विमान को नुकसान नहीं, दिल्ली लौटने वाली उड़ान 79 मिनट की देरी से रवाना
पटना। पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार सुबह एक बार फिर पक्षी के विमान से टकराने की घटना सामने आई। दिल्ली से 164 यात्रियों को लेकर पटना आ रही एअर इंडिया की विमान सेवा से उतरने के दौरान एक पक्षी टकरा गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे। घटना के बाद एहतियात के तौर पर हवाई अड्डा प्रशासन ने आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी और अग्निशमन सहित संबंधित सेवाओं को तैयार रखा गया। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली से पटना आने वाली एअर इंडिया की विमान सेवा संख्या एआई 1741 सोमवार सुबह 7 बजकर 43 मिनट पर सुरक्षित रूप से पटना हवाई अड्डे पर उतरी। विमान के उतरने से पहले पायलट ने नियंत्रण कक्ष को दाहिनी ओर स्थित इंजन के पास पक्षी के टकराने की आशंका की जानकारी दी थी। विमान से जुड़े इस संदेश के बाद हवाई अड्डा प्रशासन तुरंत सतर्क हो गया। किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन उतराई की निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया लागू कर दी गई। अग्निशमन दल और अन्य आवश्यक सुरक्षा सेवाओं को रनवे के पास तैनात कर दिया गया। इसके बाद विमान को पूरी सावधानी के साथ सुरक्षित उतारा गया। विमान के उतरने के बाद तकनीकी टीम ने उसकी जांच की। जांच में पक्षी के टकराने की पुष्टि हुई, लेकिन राहत की बात यह रही कि विमान के इंजन या अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था। आवश्यक जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। इस घटना का असर विमान की वापसी यात्रा पर जरूर पड़ा। पटना से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की विमान सेवा संख्या एआई 1852 निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई। इस विमान में 160 यात्री सवार थे। इसकी उड़ान सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर निर्धारित थी, लेकिन जांच और आवश्यक औपचारिकताओं के कारण यह सुबह 10 बजकर 9 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना हो सकी। इस प्रकार वापसी की उड़ान में कुल 79 मिनट की देरी हुई। पक्षी के विमान से टकराने की घटना को विमानन क्षेत्र में गंभीर माना जाता है, विशेष रूप से तब जब टकराव इंजन के आसपास हो। उड़ान भरते या उतरते समय विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होता है, जिसके कारण पक्षियों से टकराने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे मामलों में पायलट और हवाई अड्डा प्रशासन की त्वरित कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। पटना हवाई अड्डे पर हाल के दिनों में यह पक्षी के विमान से टकराने की दूसरी घटना बताई जा रही है। इससे पहले 17 अगस्त को भी दिल्ली से पटना आ रही एअर इंडिया की एक विमान सेवा पक्षी से टकराने का शिकार हुई थी। उस घटना में विमान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया था कि पिछली घटना के बाद विमान को दो दिनों तक उड़ान भरने से रोक दिया गया था। विमान की मरम्मत और तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विशेषज्ञ अभियंताओं को बुलाना पड़ा था। मरम्मत और आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान के लिए तैयार किया गया। सोमवार की घटना में हालांकि स्थिति पहले की तुलना में अलग रही। इस बार जांच में विमान के इंजन को किसी प्रकार की क्षति नहीं मिली, जिसके कारण आवश्यक जांच पूरी होने के बाद उसे दिल्ली लौटने की अनुमति दे दी गई। इसके बावजूद, घटना को देखते हुए हवाई अड्डा प्रशासन ने सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए। पक्षी टकराने की घटनाओं को रोकने के लिए हवाई अड्डों के आसपास पक्षियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है। रनवे और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाती है, ताकि विमान के उड़ान भरने और उतरने के दौरान किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो। फिलहाल, सोमवार सुबह हुई इस घटना में सभी 164 यात्री सुरक्षित रहे और विमान में किसी प्रकार की तकनीकी क्षति की पुष्टि नहीं हुई। आवश्यक जांच के बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए मंजूरी दे दी गई। हालांकि, लगातार दूसरी बार पक्षी टकराने की घटना सामने आने के बाद पटना हवाई अड्डे के आसपास पक्षियों की गतिविधियों और विमान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।


