September 22, 2026

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि वेतन विसंगति केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षक के सम्मान, आत्मसम्मान और न्याय का प्रश्न

नवादा।शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के क्रम में आज नवादा जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षक साथियों से संवाद के दौरान वेतन विसंगति का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। शिक्षकों ने वर्षों से लंबित वेतन असमानता, सेवा संबंधी कठिनाइयों तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को प्रमुखता से रखा।
इस अवसर पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि वेतन विसंगति केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षक के सम्मान, आत्मसम्मान और न्याय का प्रश्न है। जो शिक्षक राष्ट्र की नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ते हैं, उन्हें असमान वेतन व्यवस्था में रखना किसी भी संवेदनशील समाज के लिए उचित नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक शिक्षक वर्षों से समान कार्य करने के बावजूद अलग-अलग वेतनमान और विसंगतियों का सामना कर रहे हैं। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल प्रभावित होता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सरकार को इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित निर्णय लेते हुए सभी वेतन संबंधी विसंगतियों का स्थायी समाधान करना चाहिए।
डॉ. दिव्या ज्योति ने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में वेतन विसंगति का समाधान, समयबद्ध प्रोन्नति, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सेवा सुरक्षा, पारदर्शी स्थानांतरण नीति तथा शिक्षकों के सभी वैधानिक अधिकारों की रक्षा शामिल है। इन मुद्दों को वे पूरी मजबूती के साथ उचित मंचों पर उठाती रहेंगी।
आज की शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के दौरान विश्वकर्मा उच्च माध्यमिक विद्यालय, रुनीपुर हुडराही (नवादा) सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों, शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से विस्तृत संवाद हुआ। सभी ने एक स्वर में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया।
अंत में डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा—
“जब शिक्षक आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक रूप से सम्मानित होंगे, तभी विद्यालय मजबूत होंगे, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और विकसित बिहार का सपना साकार होगा। वेतन विसंगति का समाधान अब टाला नहीं जाना चाहिए।”

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