मेट्रो निर्माण के बीच नेहरू पथ होगा चौड़ा, राजधानी में बदलेगी यातायात व्यवस्था
- चिड़ियाखाना के पास डिवाइडर हटाए गए, कई यू-टर्न बंद; सरकारी भवनों की चहारदीवारी हटाने की तैयारी
- व्यावसायिक वाहनों के लिए बनेगा नया मार्ग, निजी और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को मिलेगी प्राथमिकता
पटना। राजधानी पटना में मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए नेहरू पथ के चौड़ीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। लगातार बढ़ते यातायात दबाव और मेट्रो निर्माण के कारण सड़कों पर उत्पन्न हो रही भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने सड़क की चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में बुधवार को चिड़ियाखाना के प्रवेश द्वार संख्या-एक के समीप सड़क के मध्य बने विभाजक को हटाने का कार्य किया गया तथा कई स्थानों पर यू-टर्न भी बंद कर दिए गए। प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, नेहरू पथ के चौड़ीकरण के अगले चरण में कई सरकारी भवनों की चहारदीवारी को पीछे किया जाएगा। इसके लिए संबंधित भूमि की मापी का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सड़क की चौड़ाई में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल मेट्रो परियोजना को गति देने के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भी उठाया जा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन नई योजना पर भी कार्य कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आयकर गोलंबर से पटना चिड़ियाखाना तक व्यावसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने की तैयारी है। इस मार्ग पर केवल निजी वाहन, सरकारी वाहन तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को आने-जाने की अनुमति होगी। व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाएगा, जिससे मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव कम किया जा सके। मेट्रो निर्माण कार्य के कारण चिड़ियाखाना और विकास भवन के आसपास सड़क की चौड़ाई लगभग दस फुट तक कम हो गई है। इसके चलते प्रतिदिन लंबा जाम लग रहा था और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए सड़क के मध्य बने विभाजकों को हटाने, कई यू-टर्न बंद करने तथा सरकारी भवनों की चहारदीवारी पीछे करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों से यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। पथ निर्माण विभाग की टीम ने पहले पूरे नेहरू पथ का विस्तृत सर्वेक्षण और मापी की। इसी रिपोर्ट के आधार पर चिड़ियाखाना के पास सड़क के मध्य स्थित विभाजक को हटाया गया, जिससे सड़क की चौड़ाई लगभग पाँच फुट तक बढ़ जाएगी। वहीं विकास भवन और विश्वेश्वरैया भवन के समीप चहारदीवारी हटाने के बाद सड़क लगभग सात फुट तक और चौड़ी हो जाएगी। इससे दोनों ओर वाहनों की आवाजाही पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो सकेगी। यातायात पुलिस अधीक्षक सागर कुमार ने बताया कि नेहरू पथ के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है और इसे लगभग एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि 15 अगस्त तक सड़क चौड़ीकरण का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त सहमति से राजधानी में नई यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। नई योजना के अनुसार, व्यावसायिक वाहनों को आयकर गोलंबर से वीरचंद पथ के रास्ते हार्डिंग रोड की ओर भेजा जाएगा। वहां से ये वाहन पीर अली पथ होते हुए हवाई अड्डा–शेखपुरा मार्ग अथवा जगदेव पथ की ओर जा सकेंगे। इस वैकल्पिक मार्ग पर ऑटो रिक्शा, बैटरी चालित रिक्शा तथा नगर बसों के परिचालन की अनुमति रहेगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित न हों। इसी प्रकार सगुना मोड़ से डाकबंगला चौराहा की ओर आने वाले व्यावसायिक वाहनों को भी जगदेव पथ अथवा शेखपुरा मोड़ के रास्ते हवाई अड्डा मार्ग की ओर मोड़ा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से नेहरू पथ पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और मेट्रो निर्माण कार्य भी बिना किसी बड़ी बाधा के आगे बढ़ सकेगा। राजधानी में मेट्रो परियोजना के निर्माण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। इसी उद्देश्य से सड़क चौड़ीकरण, मार्ग परिवर्तन और यातायात प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन बदलावों के बाद राजधानी की सड़कें अधिक व्यवस्थित होंगी, जाम की समस्या में कमी आएगी और मेट्रो निर्माण कार्य भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने में सहायता मिलेगी। आने वाले दिनों में पटना की यातायात व्यवस्था नए स्वरूप में दिखाई देगी, जिससे आम नागरिकों को अधिक सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।


