बांकीपुर उपचुनाव: आठवें चरण के बाद प्रशांत किशोर की बढ़त और मजबूत, भाजपा 4556 मतों से पीछे, खतरे में नितिन नवीन की पारंपरिक सीट
- जन सुराज के पक्ष में लगातार मजबूत हो रहे रुझान, प्रशांत किशोर बोले– जीत तो हो चुकी है, कार्यकर्ताओं ने शुरू किया जश्न
- 14 मेजों पर 31 चरणों में जारी मतगणना, ड्रोन निगरानी और त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच पूरे बिहार की निगाहें बांकीपुर पर
पटना। बिहार की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच आठवें चरण के परिणाम ने राजनीतिक तस्वीर को और स्पष्ट कर दिया है। निर्वाचन आयोग से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार जन सुराज पार्टी के संस्थापक एवं प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने अपनी बढ़त को और मजबूत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीरज सिन्हा पर 4556 मतों की निर्णायक बढ़त बना ली है। लगातार बढ़ती बढ़त के बाद जन सुराज समर्थकों में उत्साह का माहौल है और कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना भी शुरू कर दिया है। आठवें चरण की मतगणना के बाद जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर को अब तक 15637 मत प्राप्त हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीरज सिन्हा को 11081 मत मिले हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा गुप्ता को 2991 मत प्राप्त हुए हैं। इस प्रकार आठवें चरण की समाप्ति तक प्रशांत किशोर 4556 मतों की मजबूत बढ़त के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। पिछले चरणों की तुलना में उनकी बढ़त लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे चुनावी मुकाबले में जन सुराज की स्थिति और मजबूत होती दिखाई दे रही है। आठवें चरण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने अपनी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “जीत तो हो चुकी है।” उनके इस बयान के बाद जन सुराज के कार्यकर्ताओं में उत्साह और बढ़ गया। पार्टी समर्थकों ने मतगणना केंद्र के बाहर और विभिन्न स्थानों पर जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया। सामाजिक माध्यमों पर भी प्रशांत किशोर और जन सुराज पार्टी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं तथा दोनों लगातार प्रचलन में हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अब तक की मतगणना में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि कायस्थ बहुल माने जाने वाले क्षेत्रों में भी भारतीय जनता पार्टी को अपेक्षित बढ़त नहीं मिल सकी है। इन इलाकों में भाजपा लगभग पांच हजार मतों से पीछे चल रही है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अभी मुस्लिम बहुल क्षेत्रों की मतगणना पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले चरणों में मतों का अंतर बदल भी सकता है, हालांकि वर्तमान रुझान जन सुराज के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहे हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार की राजनीति की सबसे प्रतिष्ठित सीटों में गिना जाता है। यह सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। ऐसे में इस उपचुनाव को केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की ताकत और जनसमर्थन की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। जन सुराज पार्टी के लिए यह चुनाव उसकी राजनीतिक स्वीकार्यता का सबसे बड़ा परीक्षण है, जबकि भारतीय जनता पार्टी अपनी परंपरागत मजबूत सीट बचाने की चुनौती का सामना कर रही है। इस उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, भारतीय जनता पार्टी के नीरज सिन्हा, राष्ट्रीय जनता दल की रेखा गुप्ता सहित कुल 25 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि अब तक की मतगणना में मुख्य मुकाबला जन सुराज और भारतीय जनता पार्टी के बीच ही सिमटता दिखाई दे रहा है। पटना स्थित एएन कॉलेज के मतगणना केंद्र पर सुबह से मतों की गिनती जारी है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना के लिए 14 मेजों की व्यवस्था की है और कुल 31 चरणों में मतों की गणना की जा रही है। प्रत्येक चरण के बाद आधिकारिक आंकड़े जारी किए जा रहे हैं। मतगणना केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल, बिहार पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पूरे परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरों और बंद परिपथ दूरदर्शन कैमरों के माध्यम से की जा रही है, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनी रहे।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आठवें चरण के बाद प्रशांत किशोर की बढ़त काफी मजबूत हो चुकी है। हालांकि अभी 31 चरणों की मतगणना पूरी नहीं हुई है, इसलिए अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसके बावजूद लगातार बढ़ती बढ़त ने जन सुराज पार्टी को स्पष्ट मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला दी है और चुनावी मुकाबले का रुख उसके पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है। फिलहाल आठवें चरण की मतगणना के बाद प्रशांत किशोर 15637 मतों के साथ पहले स्थान पर हैं और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नीरज सिन्हा पर 4556 मतों की मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। अब पूरे बिहार की निगाहें शेष चरणों की मतगणना पर टिकी हैं, जो बांकीपुर उपचुनाव के अंतिम विजेता की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट करेगी।


