नगर निकाय कर्मियों की हड़ताल से पटना बेहाल, पांचवें दिन भी ठप रही सफाई व्यवस्था

  • सड़कों पर लगे कचरे के ढेर, बरसात में बढ़ी जनस्वास्थ्य की चिंता; निगम अधिकारियों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
  • वैकल्पिक व्यवस्था से सफाई बनाए रखने की कोशिश, हड़ताल समर्थक कर्मियों पर प्रशासन ने शुरू की सख्त कार्रवाई

पटना। पटना नगर निगम सहित बिहार के विभिन्न नगर निकायों के कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रही। हड़ताल का सबसे अधिक असर राजधानी पटना की सफाई व्यवस्था पर देखने को मिल रहा है, जहां शहर के प्रमुख मार्गों, गलियों और आवासीय मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। बरसात के मौसम में लगातार जमा हो रहे कचरे से दुर्गंध फैलने लगी है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी बढ़ने के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में नागरिकों की चिंता लगातार गहराती जा रही है और जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है। नगर निगम कर्मियों की हड़ताल का असर केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव शहर की समग्र स्वच्छता व्यवस्था और जनजीवन पर भी पड़ रहा है। नियमित रूप से घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरे का उठाव नहीं होने के कारण कई इलाकों में कचरा सड़क किनारे जमा हो गया है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के कारण कचरे से उठ रही दुर्गंध और गंदा पानी वातावरण को और अधिक अस्वच्छ बना रहा है। इसी बीच हड़ताल के दौरान कथित हंगामे और मारपीट के मामले में प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। पटना नगर निगम के उप नगर आयुक्त रामाशीष शरण तिवारी की शिकायत पर सचिवालय थाना में हड़ताली कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन नगर निगम कार्यालय के समीप निगम के वाहनों की मरम्मत कर रहे कर्मियों के साथ हड़ताली कर्मचारियों ने गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। हालांकि दर्ज प्राथमिकी में फिलहाल किसी भी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हड़ताल के कारण बिगड़ती सफाई व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम प्रशासन लगातार वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का प्रयास कर रहा है। सीमित संसाधनों और उपलब्ध कर्मचारियों के सहारे शहर को साफ रखने के उद्देश्य से लगातार तीसरी रात विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में अतिरिक्त वाहन भेजकर सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा हटाने का कार्य किया गया, ताकि गंदगी का संकट और अधिक न बढ़े। रविवार को नगर निगम ने 26 घर-घर कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से आवासीय क्षेत्रों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कचरे का उठाव कराया। निगम प्रशासन का कहना है कि हड़ताल के बावजूद आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए सफाई व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। दूसरी ओर नगर निगम प्रशासन ने हड़ताल को लेकर सख्त रुख भी अपनाना शुरू कर दिया है। घर-घर कचरा संग्रहण के लिए चालक उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मॉर्यन कार्स ऑटो सर्विसेज ने हड़ताल का समर्थन करने तथा बिना पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले दो चालकों को तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मियों की लापरवाही किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। उधर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच तेज कर दी है। अब तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हड़ताल के कारण नगर निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। एक ओर कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार वैकल्पिक उपाय अपना रहा है। यदि जल्द ही दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो राजधानी की सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर जनस्वास्थ्य, पर्यावरण और शहर की स्वच्छता पर पड़ने की आशंका है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और हड़ताली कर्मियों के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के माध्यम से इस गतिरोध का समाधान निकलेगा और राजधानी सहित राज्य के सभी नगर निकायों में सफाई व्यवस्था एक बार फिर सामान्य हो सकेगी। फिलहाल नागरिकों को राहत मिलने के लिए प्रशासनिक प्रयास जारी हैं, लेकिन स्थायी समाधान दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने पर ही संभव माना जा रहा है।

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