बांस काटने के विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, महिलाओं और बच्चों समेत कई घायल
- रोहतास के धर्मागत परासी गांव में गोतिया परिवारों के बीच चली लाठियां, मारपीट का वीडियो हुआ वायरल
- पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश में जारी है छापेमारी
रोहतास। रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र स्थित धर्मागत परासी गांव में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जब बांस काटने को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस घटना में महिलाओं और बच्चों सहित सात से अधिक लोग घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार यह विवाद एक ही परिवार की दो शाखाओं, अर्थात गोतिया पक्षों के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि गांव निवासी जन्मेजय कुमार और देव कुमार प्रसाद के परिवारों के बीच बांस काटने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। प्रारंभिक विवाद कुछ ही समय में उग्र हो गया और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों ओर से लाठी-डंडों का प्रयोग होने लगा। ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे, जिससे आसपास के लोगों में भी भय का वातावरण उत्पन्न हो गया। झड़प के दौरान महिलाएं और बच्चे भी इसकी चपेट में आ गए। मारपीट में तीन महिलाओं और दो नाबालिग बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं। अन्य कई लोग भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद घायल लोगों को तत्काल उपचार के लिए सासाराम के सदर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार घायलों का इलाज जारी है और कुछ लोगों को अधिक चोटें आने के कारण विशेष निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों का कहना है कि अधिकांश घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोगों को लाठी-डंडों के साथ एक-दूसरे पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के प्रसारित होने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। पुलिस भी वीडियो की जांच कर रही है और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा रही है। काराकाट थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार एक पक्ष की ओर से 15 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से पांच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत एक पक्ष से चार लोगों और दूसरे पक्ष से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। पुलिस बल को क्षेत्र में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी प्रकार की पुनः तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो। ग्रामीणों से भी आपसी सौहार्द बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की गई है। सामाजिक दृष्टि से भी यह घटना चिंता का विषय मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों को लेकर बढ़ते विवाद कई बार गंभीर हिंसक घटनाओं का रूप ले लेते हैं, जिससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित होते हैं। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों का घायल होना इस बात का संकेत है कि पारिवारिक विवादों का प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं गांव में स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि मामूली विवादों को समय रहते बातचीत और समझदारी से सुलझाना कितना आवश्यक है, ताकि हिंसा जैसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थितियों से बचा जा सके।


