जमुई में सरकारी शिक्षक पर जानलेवा हमला, स्टेशन जाते समय बदमाशों ने मारी गोली
- सुबह चार बजे वारदात को दिया गया अंजाम, कंधे में गोली लगने से घायल हुए शिक्षक
- राजनीतिक रंजिश का आरोप, पुलिस ने अपराधियों की तलाश में शुरू की छापेमारी
जमुई। बिहार के जमुई जिले में अपराधियों के बढ़ते हौसलों का एक और मामला सामने आया है। शुक्रवार की सुबह एक सरकारी शिक्षक पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। अपराधियों ने शिक्षक को गोली मारकर हत्या की कोशिश की, लेकिन उनकी सूझबूझ और साहस के कारण उनकी जान बच गई। घायल शिक्षक का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है, जबकि पुलिस घटना की जांच और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है। घटना जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र के बिशनपुर गांव के समीप शुक्रवार तड़के लगभग चार बजे की है। घायल शिक्षक की पहचान लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के मटिया गांव निवासी गौतम कुमार दास के रूप में हुई है। वे सरकारी शिक्षक हैं और वर्तमान में लखीसराय जिले के एक विद्यालय में कार्यरत हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गौतम कुमार दास शुक्रवार की सुबह लगभग 3:45 बजे अपनी मोटरसाइकिल से जमुई रेलवे स्टेशन जा रहे थे। उन्हें किसी आवश्यक कार्य से ट्रेन पकड़नी थी। जब वे मोहनपुर गांव के समीप पहुंचे, तभी एक दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्ध युवक उनकी मोटरसाइकिल को बार-बार आगे निकलने का प्रयास करने लगे। उनके व्यवहार से शिक्षक को संदेह हुआ कि कुछ गड़बड़ है। गौतम कुमार दास ने बताया कि उन्हें स्थिति संदिग्ध लगी, इसलिए उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल की रफ्तार कम कर दी। इसी दौरान पीछे चल रहे बदमाशों ने अचानक उन पर गोली चला दी। गोली उनके दाहिने कंधे में जाकर लगी, जिससे वे संतुलन खो बैठे और सड़क पर गिर गए। घायल शिक्षक के अनुसार, गोली लगने के बाद भी अपराधियों का इरादा केवल लूटपाट नहीं बल्कि उनकी हत्या करना प्रतीत हो रहा था। उन्होंने बताया कि गिरने के बाद बदमाश उनके सिर में गोली मारने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनका हेलमेट सड़क पर गिर गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने साहस का परिचय देते हुए हेलमेट दोबारा सिर पर पहन लिया और गांव की ओर भागने लगे। उन्होंने बताया कि कुछ दूरी तक अपराधियों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन गांव की ओर लोगों की हलचल और प्रतिरोध की आशंका को देखते हुए बदमाश हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गए। शिक्षक ने बताया कि सभी अपराधियों ने अपने चेहरे नकाब से ढके हुए थे, जिसके कारण उनकी पहचान नहीं हो सकी। घटना की सूचना मिलते ही बरहट थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल शिक्षक को प्राथमिक उपचार के लिए जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों द्वारा प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद शिक्षक के परिवार में दहशत का माहौल है। घायल शिक्षक की मां और स्थानीय मुखिया मोहनी देवी ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व मुकेश कुमार नामक एक व्यक्ति द्वारा उन्हें धमकी दी गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि यह हमला उसी धमकी से जुड़ा हो सकता है। वहीं घायल शिक्षक गौतम कुमार दास ने भी इस हमले के पीछे राजनीतिक विरोधियों का हाथ होने की आशंका व्यक्त की है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, राजनीतिक विवाद अथवा अन्य किसी कारण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच के आधार पर ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। बरहट थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। आसपास के क्षेत्रों में लगे निगरानी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील की है। पुलिस का दावा है कि मामले के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


